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दिव्य सुधा > अन्य > अवध प्रांत में राम रक्षा स्तोत्र प्रशिक्षण वर्ग का सफल आयोजन
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अवध प्रांत में राम रक्षा स्तोत्र प्रशिक्षण वर्ग का सफल आयोजन

दिव्यसुधा
Last updated: September 16, 2025 6:43 pm
दिव्यसुधा
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लखनऊ। 11 सितंबर 2025
विश्वमांगल्लय सभा के धर्म, संस्कृति और शिक्षा विभाग की ओर से अवध प्रांत में राम रक्षा स्तोत्र के चौथे प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन बुधवार को कुर्सी रोड स्थित गायत्री मंदिर में संपन्न हुआ। यह आयोजन धार्मिक वातावरण और आध्यात्मिक ऊर्जाओं के बीच सम्पन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु बहनों एवं समाजसेवियों की उपस्थिति रही।

आयोजन का उद्देश्य

राम रक्षा स्तोत्र का प्रशिक्षण वर्ग आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य लोगों को संस्कारों से जोड़ना, भक्ति और आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करना तथा समाज में राम भक्ति और धर्म संस्कृति के प्रसार को गति देना था। राम रक्षा स्तोत्र न केवल धार्मिक ग्रंथ है बल्कि एक सुरक्षा कवच भी माना जाता है, जो साधक के जीवन में आत्मबल, मानसिक शांति और जीवन की चुनौतियों से जूझने की शक्ति प्रदान करता है।

ज्योत्स्ना मिश्रा जी का विशेष योगदान

इस चौथे प्रशिक्षण वर्ग को सफल बनाने में ज्योत्स्ना मिश्रा जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके सहयोग से पूरा आयोजन सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। वे लगातार अवध प्रांत में धर्म-संस्कृति आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने में सक्रिय रही हैं।

सदाचार सभा बहनों की उपस्थिति

आयोजन में जानकीपुरम सदाचार सभा की बहनों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अनु कपिल जी, स्मिता सिंह जी, अल्पना शुक्ला जी, शशि मिश्रा जी, श्वेता कार्तिक जी, मणि गुप्ता जी और विमल त्रिवेदी जी की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष ऊर्जा प्रदान की। इन सभी ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि राम रक्षा स्तोत्र के नियमित पाठ से जीवन में अनुशासन, साहस और सद्गुणों का विकास होता है।

विशेष धन्यवाद

सदाचार सभा की दायित्व वाहिनी बहनों में अनुपम सिंह जी का विशेष धन्यवाद किया गया। उन्होंने इस कार्यक्रम की सफलता में अपना अमूल्य सहयोग प्रदान किया और आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप देने में अहम भूमिका निभाई।

भक्ति और उत्साह का वातावरण

पूरे आयोजन के दौरान गायत्री मंदिर का वातावरण भक्ति और उत्साह से भरा रहा। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक राम रक्षा स्तोत्र का अभ्यास किया और इसे जीवन में उतारने का संकल्प लिया। स्तोत्र पाठ के दौरान मंदिर प्रांगण राम नाम से गुंजायमान हो उठा।

समाज पर प्रभाव

ऐसे प्रशिक्षण वर्ग समाज में एक सकारात्मक परिवर्तन का संदेश देते हैं। इससे न केवल व्यक्ति अपने धर्म और संस्कृति से जुड़ता है, बल्कि समाज में एकजुटता और आध्यात्मिकता का वातावरण भी निर्मित होता है।

आयोजन का संदेश

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक प्रार्थना की कि रामकाज इसी प्रकार अवध प्रांत में सतत चलता रहे और राम रक्षा स्तोत्र का प्रशिक्षण प्रांत के प्रत्येक क्षेत्र में संपन्न कराया जाए।

आगे की योजनाएँ

विश्वमांगल्लय सभा की ओर से यह घोषणा भी की गई कि आने वाले समय में अवध प्रांत के विभिन्न क्षेत्रों में इस प्रकार के प्रशिक्षण वर्गों का विस्तार किया जाएगा। उद्देश्य है कि अधिक से अधिक परिवारों और युवाओं को इस भक्ति मार्ग से जोड़ा जा सके।

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