ज्योतिष शास्त्र में सफेद मोती और चांदी का संयोजन चंद्र शक्ति का प्रतीक माना जाता है। चंद्रमा मन, भावनाओं और मानसिक शांति का स्वामी है। इसलिए मोती की चांदी वाली अंगूठी पहनने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मन अधिक स्थिर व शांत रहने लगता है। इसका सही तरीके से प्रयोग करने पर कुंडली में चंद्रमा की स्थिति भी सुदृढ़ होती है।
मोती की अंगूठी पहनने का शुभ समय
मोती की अंगूठी पहनने के लिए पूर्णिमा तिथि और सोमवार का दिन सबसे शुभ माना गया है। यह समय चंद्र ऊर्जा के उच्चतम प्रभाव का प्रतीक है, इसलिए इस दिन अंगूठी धारण करने से इसका लाभ कई गुना बढ़ जाता है। शुक्ल पक्ष के किसी भी सोमवार को अंगूठी पहनना शुभ होता है, परंतु उस दिन राहुकाल, भद्रा और किसी भी तरह के अशुभ योग का होना वर्जित है। शुभ मुहूर्त में धारण करने से रत्न का प्रभाव तुरंत और सकारात्मक दिखाई देता है।
मोती की अंगूठी किस उंगली में पहनें?
शास्त्रों के अनुसार मोती वाली चांदी की अंगूठी दाहिने हाथ की कनिष्ठा (छोटी उंगली) में पहननी चाहिए। यह उंगली जल तत्व और चंद्र शक्ति से गहराई से जुड़ी मानी जाती है। पुरुष और महिलाएँ दोनों ही इसे इसी उंगली में धारण कर सकते हैं। सही उंगली में पहनने से अंगूठी मन और भावनाओं पर तेजी से सकारात्मक असर डालती है।
कौन लोग मोती की अंगूठी न पहनें?
हर व्यक्ति पर मोती का प्रभाव समान नहीं होता। जिनकी कुंडली में चंद्रमा राहु या केतु की युति में हो, उन्हें मोती की अंगूठी पहनने से नुकसान हो सकता है। इसी प्रकार, यदि चंद्रमा पीड़ित अवस्था में हो या अष्टम भाव में अशुभ ग्रहों से दृष्ट हो, तो यह अंगूठी धारण करने पर विपरीत परिणाम मिल सकते हैं। इस कारण ऐसी स्थिति में बिना अनुभवी ज्योतिषी की सलाह लिए मोती धारण नहीं करना चाहिए।
किन्हें मोती की अंगूठी धारण करनी चाहिए?
जिन जातकों के जन्मपत्री में चंद्रमा कमजोर हो, उन्हें चांदी में जड़ा सफेद मोती पहनना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। कमजोर चंद्रमा के कारण मन बेचैन रहता है, तनाव बढ़ता है और भावनात्मक अस्थिरता उत्पन्न होती है। मोती, इन ऊर्जा-स्तरों को संतुलित कर मन और विचारों को स्थिर करता है। इसके अतिरिक्त, 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए भी मोती पहनना शुभ माना जाता है, क्योंकि यह मन को शांत करता है और बालारिष्ट जैसे योगों को कम करता है।
मोती की अंगूठी पहनने के अद्भुत लाभ
मोती की चांदी वाली अंगूठी मानसिक शांति प्रदान करती है और मन को स्थिर बनाती है। यह तनाव, चिंता और क्रोध को नियंत्रित करती है, जिससे भावनात्मक संतुलन बढ़ता है। मोती रिश्तों में मधुरता लाने, स्वास्थ्य सुधारने और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने में सहायक होता है। चंद्रमा मजबूत होने से व्यक्ति के जीवन में सौभाग्य, संतुलन और सुख की वृद्धि होती है।