वास्तु शास्त्र के अनुसार हमारा घर केवल रहने की जगह नहीं होता, बल्कि यह हमारी ऊर्जा, सोच और आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित करता है। घर में रखी गई कुछ विशेष वस्तुएँ सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं और धन से जुड़ी परेशानियों को धीरे-धीरे कम करने में सहायक होती हैं। माना जाता है कि आर्थिक रूप से सफल लोगों के घरों में ये चीजें स्वाभाविक रूप से पाई जाती हैं। यदि इन्हें सही दिशा और सही स्थान पर रखा जाए, तो घर का वातावरण भी सकारात्मक बना रहता है और आय के नए रास्ते खुलने लगते हैं।
मनी प्लांट
मनी प्लांट को वास्तु में धन वृद्धि का प्रतीक माना गया है। इसकी हरी और जीवंत पत्तियां निरंतर प्रगति और सकारात्मकता का संकेत देती हैं। यह न केवल घर की हवा को शुद्ध करता है, बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करता है। वास्तु के अनुसार मनी प्लांट को घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना सबसे शुभ माना जाता है। ध्यान रखें कि इसे कभी भी घर के बाहर या उत्तर-पूर्व दिशा में कभी न रखें, क्योंकि इससे धन हानि के योग बन सकते हैं।
बहता हुआ पानी
वास्तु शास्त्र में बहते हुए पानी को धन के निरंतर प्रवाह से जोड़ा गया है। इसी कारण कई घरों में फव्वारा या वॉटर फाउंटेन लगाया जाता है। इसे घर की उत्तर दिशा में रखना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि पानी की धारा हमेशा घर के अंदर की ओर बहती हुई हो। रुका या गंदा पानी नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकता है, इसलिए नियमित सफाई बेहद जरूरी है।
लाफिंग बुद्धा और तीन टांगों वाला मेंढक
लाफिंग बुद्धा को सुख, शांति और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है, जबकि तीन टांगों वाला मेंढक धन आकर्षण से जुड़ा हुआ है। इन्हें घर के मुख्य द्वार की ओर मुख करके रखना चाहिए ताकि धन और सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश कर सके। लाफिंग बुद्धा को ड्राइंग रूम में रखना सबसे उचित माना जाता है। इन्हें कभी भी रसोई, बाथरूम या जमीन पर नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इससे इनका शुभ प्रभाव कम हो जाता है।
चावल से भरा डिब्बा
हिंदू धर्म में चावल को अन्नपूर्णा और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। कहा जाता है कि जिन घरों में चावल का डिब्बा हमेशा भरा रहता है, वहाँ कभी अन्न और धन की कमी नहीं होती। रसोई में चावल की डिब्बी को साफ रखें और उसमें कुछ सिक्के व हल्दी की गांठ डालना शुभ माना जाता है। वास्तु के अनुसार, चावल के बीच लाल कपड़े में बंधे दो चांदी के सिक्के या हल्दी रखने से रसोई में माता अन्नपूर्णा का वास होता है और फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रहता है।
धातु का कछुआ
वास्तु शास्त्र में धातु के कछुए को स्थिरता, दीर्घायु और धन संचय का प्रतीक माना गया है। यह घर में रुके हुए धन को स्थिर रखने और धीरे-धीरे बढ़ाने में सहायक माना जाता है। इसे घर की उत्तर दिशा में पानी से भरे छोटे बर्तन में रखना शुभ होता है। कछुआ घर के मुखिया के कार्यक्षेत्र में स्थिरता और जीवन में संतुलन भी प्रदान करता है।
वास्तु के ये सरल उपाय दिखने में छोटे जरूर हैं, लेकिन सही श्रद्धा और नियम के साथ अपनाने पर इनका प्रभाव गहरा होता है। जब घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है, तो आर्थिक स्थिति के साथ-साथ मानसिक शांति और पारिवारिक सुख भी अपने आप बढ़ने लगते हैं।