आपने कई बार ऐसा देखा होगा कि बच्चों का मन अचानक से पढ़ाई में लगना बंद हो जाता है। माता-पिता के लाख समझाने और डांटने का बच्चों पर कोई असर नहीं पड़ता है। इसका नतीजा उनके रिजल्ट्स पर पड़ने लगता है और नंबर भी कम आने लगते हैं। माता-पिता को समझ में नहीं आता कि अचानक से ऐसा क्या हो रहा है। यदि आपके साथ भी ऐसा कुछ हो रहा है। तो एक बार अपने बच्चे का कमरा ध्यान से देखिए। हो सकता है कि वहां नकारात्मक ऊर्जा अधिक हो गई हो, जिसकी वजह से उसका मन पढ़ाई में नहीं लग रहा हो। ऐसे में वास्तु शास्त्र के कुछ उपाय करने से हो सकता है कि आपके बच्चे का मन पढ़ाई में लगने लगे। तो आइए जानते हैं कि आपको इसके लिए क्या करना चाहिए…
करें ये बदलाव
बच्चों के कमरे में अगर टीवी, कंप्यूटर या वीडियो गेम जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान रखे हैं, तो उन्हें हटा दें। खराब या बेकार चीजें भी कमरे से बाहर निकाल दें। कमरे को साफ, खुला और हवादार रखें ताकि वहां ताजगी बनी रहे। दीवारों पर अच्छे विचारों वाले पोस्टर या प्रेरणादायक तस्वीरें लगाएं, जिससे बच्चे को सकारात्मक सोच मिले और पढ़ाई में मन लगे।
बेड कहां पर लगाएं
कई बार बच्चे को अच्छी नींद नहीं आती, जिससे वह पढ़ाई पर ठीक से ध्यान नहीं दे पाते। ऐसे में उसका बिस्तर इस तरह लगाएं कि वह कमरे के दरवाजे के ठीक सामने न हो। अगर बिस्तर के सामने शीशा लगा है, तो उसे हटा दें। साथ ही सोते समय बच्चे के पैर दक्षिण दिशा की ओर न हों। इससे नींद अच्छी आएगी और ध्यान भी बेहतर लगेगा।
क्या करें
- स्टडी रूम में उत्तर दिशा में एजुकेशन टावर रखें। इससे पढ़ाई का माहौल बेहतर होगा और बच्चे को सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी। यह उपाय ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है और पढ़ाई में रुचि बढ़ाता है।
- स्टडी रूम में क्रिस्टल बॉल रखना फायदेमंद माना जाता है। यह कमरे की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और सकारात्मकता बढ़ाता है। इससे बच्चे का मन शांत रहता है और पढ़ाई में ध्यान लगने में मदद मिलती है।
- बच्चों की याददाश्त बढ़ाने और पढ़ाई में मन लगाने के लिए उनके कमरे में लाफिंग बुद्धा रखना लाभदायक होता है। लाफिंग बुद्धा को कमरे में पूर्व या उत्तर दिशा में रखें। यह सकारात्मक ऊर्जा फैलाता है और तनाव को कम करता है, जिससे बच्चे का ध्यान केंद्रित रहता है और याददाश्त बेहतर होती है।
- बच्चे के कमरे की पूर्व दिशा में बांस का पौधा लगाने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। इससे वातावरण में ताजगी आती है और मन खुश रहता है, जिससे बच्चे का पढ़ाई में मन लगा रहता है।