नई दिल्ली। इस साल रक्षा बंधन का पर्व 9 अगस्त 2025, शनिवार को मनाया जाएगा। भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा के इस पावन पर्व पर इस बार विशेष बात यह है कि भद्रा का साया नहीं रहेगा, जिससे पूरे दिन राखी बांधने का शुभ समय रहेगा। साथ ही इस दिन सौभाग्य योग, सर्वार्थसिद्धि योग और श्रवण नक्षत्र जैसे कई मंगलकारी योग बन रहे हैं, जो इस पर्व को और भी विशेष और फलदायक बना देते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इन योगों में यदि लक्ष्मी नारायण की विधिवत पूजा की जाए तो घर में धन, वैभव, सुख और शांति का स्थायी वास होता है। इन योगों में की गई पूजा साधक को अक्षय फल प्रदान करती है।
लक्ष्मी नारायण पूजा विधि:
- प्रातः स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें
- घर के पूजास्थल को स्वच्छ करके लक्ष्मी-नारायण की मूर्ति या चित्र स्थापित करें
- दीपक, धूप, पुष्प, फल और पंचामृत से पूजा करें
- “ॐ श्री लक्ष्मी नारायणाय नमः” मंत्र का 108 बार जप करें
- अंत में आरती कर प्रसाद वितरित करें
रक्षा सूत्र का अर्थ और महत्व:
राखी सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि विश्वास, सुरक्षा और प्रेम का प्रतीक है। इसे बांधते समय बहनें भाई की लंबी उम्र और सफलता की कामना करती हैं, वहीं भाई जीवन भर बहन की रक्षा का संकल्प लेते हैं।