वैदिक ज्योतिष में सूर्य को ग्रहों का राजा कहा गया है। यह आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, पिता, मान-सम्मान, पद और सरकारी कार्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं। जब सूर्य राशि परिवर्तन करते हैं या अन्य ग्रहों के साथ विशेष कोण बनाते हैं, तो उसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप में दिखाई देता है। वर्तमान समय में कुंभ राशि में सूर्य का गोचर हो रहा है और मंगल, बुध व राहु के साथ उनका प्रभावशाली संयोग बन रहा है, जिससे कई महत्वपूर्ण योग निर्मित हो रहे हैं।
21 फरवरी 2026 को रात 8 बजकर 16 मिनट पर सूर्य और यम के बीच लगभग 30 डिग्री का विशेष कोण बनेगा। ज्योतिष में इस स्थिति को द्विद्वादश योग कहा जाता है। लगभग 17 वर्षों बाद बनने वाला यह योग कुछ राशियों के लिए अत्यंत फलदायी माना जा रहा है। इसके प्रभाव से करियर में उन्नति, आर्थिक लाभ और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष महत्व रखता है, क्योंकि सूर्य आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं। अन्य ग्रहों की उपस्थिति इस प्रभाव को और मजबूत बना रही है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और कार्यक्षेत्र में आपकी पहचान सुदृढ़ हो सकती है। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं तथा लंबे समय से रुके कार्य पूर्ण होने की संभावना है। हालांकि खर्चों में बढ़ोतरी संभव है, इसलिए आर्थिक संतुलन बनाए रखना आवश्यक रहेगा।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए यह योग करियर और प्रतिष्ठा के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम दे सकता है। अधिकारियों से संबंध बेहतर होंगे और आपके कार्यों की सराहना हो सकती है। आय में वृद्धि के संकेत हैं तथा व्यवसाय में नई योजनाएं सफल हो सकती हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा और सामाजिक दायरा भी विस्तृत होगा।
मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए यह योग भाग्य का साथ दिला सकता है। करियर में नई दिशा प्राप्त हो सकती है। नौकरी में प्रमोशन या बदलाव के अवसर सामने आ सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं और निवेश से लाभ संभव है, किंतु सोच-समझकर निर्णय लेना उचित रहेगा। पारिवारिक सहयोग से मानसिक संतोष मिलेगा और भविष्य की योजनाएं मजबूती से आगे बढ़ेंगी।
यह योग परिश्रम और सकारात्मक सोच रखने वालों के लिए विशेष लाभकारी सिद्ध हो सकता है।