हस्तरेखा शास्त्र में कुछ लकीरों को ऐसे माना जाता है, जो व्यक्ति के जीवन में भाग्य, सफलता और मान-सम्मान का संकेत देती हैं। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण रेखा है सूर्य रेखा। ज्योतिष और हस्तरेखा विज्ञान में सूर्य रेखा को धन, प्रतिष्ठा और ‘राजयोग’ की सूचक माना जाता है। यदि किसी की हथेली में यह रेखा स्पष्ट और बिना टूटे हुए ऊपर की ओर जा रही हो, तो उसे कम मेहनत में भी अपार लाभ और सफलता प्राप्त होती है। ऐसे लोगों को देखकर अक्सर कहा जाता है कि वे ‘चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए’ जैसे भाग्यशाली होते हैं।
सूर्य रेखा कहां होती है?
सूर्य रेखा हाथ की रिंग फिंगर (अनामिका उंगली) के बिल्कुल नीचे से शुरू होती है। इस हिस्से को हस्तरेखा शास्त्र में सूर्य पर्वत कहा जाता है। सूर्य पर्वत से निकलकर यह रेखा हथेली के निचले हिस्से की ओर, हृदय रेखा की तरफ जाती है। यदि यह रेखा सीधी, साफ और निरंतर रूप से ऊपर की तरफ बढ़ रही हो, तो इसे अत्यंत शुभ माना जाता है।
सूर्य रेखा किस्मत बनाती है “मालामाल”
हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार जिन लोगों की हथेली में सूर्य रेखा होती है, उनकी किस्मत बहुत ही मजबूत होती है। इन व्यक्तियों को कम मेहनत में भी बड़ा लाभ मिलता है। जीवन में उन्हें धन, सम्मान और प्रतिष्ठा की प्राप्ति आसानी से हो जाती है। कई बार ऐसे लोग अपने प्रयासों से भी ज्यादा सफलता पाते हैं, क्योंकि उनकी राशि और भाग्य उनके साथ होते हैं।
समाज में मिलता है मान-सम्मान
सूर्य रेखा केवल धन का ही नहीं, बल्कि मान-सम्मान और प्रतिष्ठा का भी सूचक है। यदि यह रेखा साफ, स्पष्ट और बिना टूटे दिखे, तो व्यक्ति को समाज में उच्च स्थान और सम्मान मिलता है। उसके कार्यों की सराहना होती है और लोग उसे आदर की दृष्टि से देखते हैं। ऐसे लोग अक्सर नेतृत्व की भूमिका में होते हैं और उनका व्यक्तित्व आकर्षक और प्रभावशाली होता है।
दो सूर्य रेखा
हस्तरेखा विज्ञान में यदि किसी की हथेली पर दो सूर्य रेखाएं एक-दूसरे के समानांतर चल रही हों, तो इसे अत्यधिक शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि ऐसे व्यक्तियों को सरकारी नौकरी, प्रशासनिक सेवाओं में बड़ा पद या प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त हो सकता है। उनकी जीवन यात्रा में स्थिरता, सम्मान और सफलता की संभावना अधिक रहती है।
तेज बुद्धि और वाक् कौशल का संकेत
कई बार सूर्य रेखा के साथ उसकी शाखाएं भी बनती हैं। यदि सूर्य पर्वत से निकलने वाली रेखा की एक शाखा मध्यमा उंगली की ओर और दूसरी शाखा छोटी उंगली की ओर जाती हो, तो यह बुद्धिमत्ता और वक्तृत्व कौशल का संकेत माना जाता है। ऐसे लोग तेज दिमाग, स्पष्ट सोच और प्रभावशाली वक्ता होते हैं।
सूर्य रेखा पर स्वास्तिक का निशान
हस्तरेखा शास्त्र में स्वास्तिक को अत्यंत शुभ माना गया है। यदि सूर्य रेखा पर स्वास्तिक का निशान बनता है, तो यह जीवन में सुख, प्रेम, सम्मान और ऐशो-आराम की निरंतरता का संकेत होता है। ऐसे व्यक्तियों के जीवन में विपरीत परिस्थितियाँ भी आसानी से टलती हैं और उन्हें अपने लक्ष्यों में सफलता प्राप्त होती है।