Tuesday, 17 Feb 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा > शुभ मुहूर्त में कार्यारंभ का महत्व: सफलता और समृद्धि का आध्यात्मिक आधार
वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा

शुभ मुहूर्त में कार्यारंभ का महत्व: सफलता और समृद्धि का आध्यात्मिक आधार

दिव्यसुधा
Last updated: February 16, 2026 11:48 am
दिव्यसुधा
Share
शुभ मुहूर्त में कार्यारंभ करते हुए पूजा थाली, कलश और ज्योतिष पंचांग का दृश्य
शुभ मुहूर्त में आरंभ किया गया कार्य सफलता और समृद्धि का आधार बनता है।
SHARE

सनातन परंपरा में किसी भी बड़े कार्य की शुरुआत शुभ मुहूर्त देखकर करने का विशेष महत्व है। हमारे शास्त्र बताते हैं कि समय केवल घड़ी की गणना नहीं, बल्कि ऊर्जा का प्रवाह है। यदि किसी कार्य को अनुकूल तिथि, वार और नक्षत्र में आरंभ किया जाए तो उसके सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। वहीं, बिना विचार किए शुरू किया गया कार्य बाधाओं और विलंब का कारण बन सकता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब कुंडली में गुरु या शुक्र की शुभ दशा चल रही हो और गोचर में गुरु तथा शनि सशक्त स्थिति में हों, तब नया कार्य आरंभ करने के श्रेष्ठ योग बनते हैं। साढ़ेसाती समाप्त होने के तुरंत बाद भी नई शुरुआत करना शुभ माना गया है, क्योंकि यह समय जीवन में संतुलन और स्थिरता का संकेत देता है।

किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से पहले दिन, समय और स्थान का चयन सोच-समझकर करना चाहिए। उस दिन चंद्र बल और तारा बल मजबूत होना शुभ फल प्रदान करता है। कार्य की प्रकृति के अनुसार नक्षत्र और राशि का विचार करना भी आवश्यक है। परंपरा यह भी कहती है कि जिस दिन कार्य प्रारंभ करना हो, उस दिन से संबंधित कोई शुभ वस्तु ग्रहण करके शुरुआत करने से मंगल परिणाम प्राप्त होते हैं।

राशि के अनुसार दिन और आहार

  • कर्क: मंगलवार को गुड़ खाकर कार्य प्रारंभ करें, इससे ऊर्जा, साहस और सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना बढ़ती है।
  • सिंह: रविवार को मीठा पान ग्रहण कर शुरुआत करें, इससे आत्मविश्वास, प्रतिष्ठा और सफलता के मार्ग खुलते हैं।
  • कन्या: बुधवार को धनिया सेवन शुभ है, यह बुद्धि, संतुलन और कार्य में स्थिरता प्रदान करता है।
  • तुला: शुक्रवार को दही खाकर कार्य शुरू करें, इससे सौभाग्य, सामंजस्य और आर्थिक लाभ मिलता है।
  • वृश्चिक: रविवार को मीठा पान ग्रहण करना शुभ, यह साहस, प्रभाव और अनुकूल परिणाम देता है।
  • धनु: गुरुवार को पीली मिठाई से शुरुआत करें, यह गुरु कृपा और सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है।
  • मकर: सोमवार को दही-चीनी सेवन करें, इससे मानसिक शांति और कार्य में स्थिर प्रगति मिलती है।
  • कुंभ: शनिवार को घी ग्रहण करना शुभ, यह धैर्य, मजबूती और दीर्घकालिक सफलता देता है।
  • मीन: बुधवार को धनिया सेवन करें, इससे बुद्धिमत्ता, संतुलन और सकारात्मक निर्णय शक्ति बढ़ती है।

कार्य की प्रकृति के अनुसार शुभ दिन
कार्य की प्रकृति के आधार पर दिन चुनना भी आवश्यक है। जल, खानपान या दुग्ध संबंधी कार्य सोमवार को प्रारंभ करना उत्तम है। भूमि, मकान या निर्माण से जुड़े कार्य मंगलवार को शुरू किए जा सकते हैं। धन के लेन-देन और परामर्श से संबंधित कार्य बुधवार को लाभकारी होते हैं। शिक्षा, धार्मिक कार्य और अनाज के व्यवसाय के लिए गुरुवार श्रेष्ठ है। सौंदर्य प्रसाधन, वस्त्र, रसायन और औषधि से जुड़े कार्य शुक्रवार को प्रारंभ करना शुभ है। दीर्घकालिक कार्य, जैसे नौकरी, शनिवार को आरंभ करना स्थिरता प्रदान करता है। लकड़ी का काम, अस्पताल, पद ग्रहण या राजकीय कार्य रविवार को शुरू करना मंगलकारी माना गया है। समय की पवित्रता, श्रद्धा और सकारात्मक संकल्प के साथ किया गया कार्यारंभ ही सफलता और समृद्धि का वास्तविक मार्ग प्रशस्त करता है।

TAGGED:आध्यात्मिक सफलताकार्य शुरू करने का दिनगुरु और शुक्र दशाग्रह गोचरज्योतिष शास्त्रराशि अनुसार उपायशुभ मुहूर्तसनातन परंपरासाढ़ेसातीहिंदू धर्म परंपरा
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article काल गरुड़न मंदिर की गरुड़ प्रतिमा, तमिलनाडु में चमत्कारिक मंदिर एक ऐसा मंदिर जहां प्रतिमा का वजन घटता-बढ़ता है
Next Article मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाते हुए भक्त मंगलवार के दिव्य उपाय: बजरंगबली की कृपा से संकट मुक्ति और समृद्धि का मार्ग
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

featuredवास्तु शास्त्र/हस्त रेखा

घर में पूजा-पाठ करते समय इन वास्तु नियमों को न करें नजरअंदाज, वरना हो सकता है नुकसान

By दिव्यसुधा
सामुद्रिक शास्त्र में उंगलियों के जोड़ का अर्थ और व्यक्तित्व विश्लेषण
वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा

सामुद्रिक शास्त्र: उंगलियों के जोड़ क्या बताते हैं? जानें रहस्य

By दिव्यसुधा
घर का मंदिर वास्तु के अनुसार सही दिशा और पूजा स्थान की व्यवस्था
वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा

घर का मंदिर वास्तु: सही दिशा, मूर्ति व्यवस्था और पूजा नियम से बढ़ेगी सकारात्मक ऊर्जा

By दिव्यसुधा
घर में बार-बार इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब होना वास्तु दोष और राहु के अशुभ प्रभाव का संकेत माना जाता है
वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा

घर में इलेक्ट्रॉनिक सामान बार-बार खराब होना: वास्तु और राहु दोष

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?