सनातन परंपरा में किसी भी बड़े कार्य की शुरुआत शुभ मुहूर्त देखकर करने का विशेष महत्व है। हमारे शास्त्र बताते हैं कि समय केवल घड़ी की गणना नहीं, बल्कि ऊर्जा का प्रवाह है। यदि किसी कार्य को अनुकूल तिथि, वार और नक्षत्र में आरंभ किया जाए तो उसके सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। वहीं, बिना विचार किए शुरू किया गया कार्य बाधाओं और विलंब का कारण बन सकता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब कुंडली में गुरु या शुक्र की शुभ दशा चल रही हो और गोचर में गुरु तथा शनि सशक्त स्थिति में हों, तब नया कार्य आरंभ करने के श्रेष्ठ योग बनते हैं। साढ़ेसाती समाप्त होने के तुरंत बाद भी नई शुरुआत करना शुभ माना गया है, क्योंकि यह समय जीवन में संतुलन और स्थिरता का संकेत देता है।
किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से पहले दिन, समय और स्थान का चयन सोच-समझकर करना चाहिए। उस दिन चंद्र बल और तारा बल मजबूत होना शुभ फल प्रदान करता है। कार्य की प्रकृति के अनुसार नक्षत्र और राशि का विचार करना भी आवश्यक है। परंपरा यह भी कहती है कि जिस दिन कार्य प्रारंभ करना हो, उस दिन से संबंधित कोई शुभ वस्तु ग्रहण करके शुरुआत करने से मंगल परिणाम प्राप्त होते हैं।
राशि के अनुसार दिन और आहार
- कर्क: मंगलवार को गुड़ खाकर कार्य प्रारंभ करें, इससे ऊर्जा, साहस और सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना बढ़ती है।
- सिंह: रविवार को मीठा पान ग्रहण कर शुरुआत करें, इससे आत्मविश्वास, प्रतिष्ठा और सफलता के मार्ग खुलते हैं।
- कन्या: बुधवार को धनिया सेवन शुभ है, यह बुद्धि, संतुलन और कार्य में स्थिरता प्रदान करता है।
- तुला: शुक्रवार को दही खाकर कार्य शुरू करें, इससे सौभाग्य, सामंजस्य और आर्थिक लाभ मिलता है।
- वृश्चिक: रविवार को मीठा पान ग्रहण करना शुभ, यह साहस, प्रभाव और अनुकूल परिणाम देता है।
- धनु: गुरुवार को पीली मिठाई से शुरुआत करें, यह गुरु कृपा और सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है।
- मकर: सोमवार को दही-चीनी सेवन करें, इससे मानसिक शांति और कार्य में स्थिर प्रगति मिलती है।
- कुंभ: शनिवार को घी ग्रहण करना शुभ, यह धैर्य, मजबूती और दीर्घकालिक सफलता देता है।
- मीन: बुधवार को धनिया सेवन करें, इससे बुद्धिमत्ता, संतुलन और सकारात्मक निर्णय शक्ति बढ़ती है।
कार्य की प्रकृति के अनुसार शुभ दिन
कार्य की प्रकृति के आधार पर दिन चुनना भी आवश्यक है। जल, खानपान या दुग्ध संबंधी कार्य सोमवार को प्रारंभ करना उत्तम है। भूमि, मकान या निर्माण से जुड़े कार्य मंगलवार को शुरू किए जा सकते हैं। धन के लेन-देन और परामर्श से संबंधित कार्य बुधवार को लाभकारी होते हैं। शिक्षा, धार्मिक कार्य और अनाज के व्यवसाय के लिए गुरुवार श्रेष्ठ है। सौंदर्य प्रसाधन, वस्त्र, रसायन और औषधि से जुड़े कार्य शुक्रवार को प्रारंभ करना शुभ है। दीर्घकालिक कार्य, जैसे नौकरी, शनिवार को आरंभ करना स्थिरता प्रदान करता है। लकड़ी का काम, अस्पताल, पद ग्रहण या राजकीय कार्य रविवार को शुरू करना मंगलकारी माना गया है। समय की पवित्रता, श्रद्धा और सकारात्मक संकल्प के साथ किया गया कार्यारंभ ही सफलता और समृद्धि का वास्तविक मार्ग प्रशस्त करता है।