ज्योतिष शास्त्र में शनिवार का दिन न्याय के देवता शनिदेव को समर्पित माना गया है। शनिदेव कर्मफलदाता हैं, जो व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। इसलिए यदि जीवन में बार-बार बाधाएं, आर्थिक संकट, कर्ज, नौकरी में रुकावट या शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव चल रहा हो, तो शनिवार के दिन कुछ विशेष उपाय करने से राहत मिल सकती है। श्रद्धा, संयम और विधि-विधान से की गई पूजा शनिदेव को प्रसन्न करती है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाती है।
शनिवार को पूजा का महत्व
शास्त्रों के अनुसार शनिवार को शनि देव की विधिवत पूजा, व्रत और दान करने से वे अति प्रसन्न होते हैं। इस दिन प्रातः स्नान के बाद काले वस्त्र धारण कर शनि देव के मंदिर में जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाना, शनि स्तोत्र या शनि मंत्र का जप करना शुभ माना गया है। जिन लोगों की कुंडली में साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो, उनके लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है।
अच्छी नौकरी के लिए उपाय
यदि नौकरी में बाधाएं आ रही हों या मनचाही नौकरी नहीं मिल पा रही हो, तो शनिवार के दिन थोड़ा सा काला कोयला लें। इसे अपने सिर से पैर तक सात बार उतारें और बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और रोजगार के नए अवसर मिलने की संभावना बढ़ती है।
कर्ज से मुक्ति के लिए
शमी का पेड़ भगवान शिव और शनिदेव दोनों को प्रिय माना गया है। शनिवार के दिन थोड़ी सी काली उड़द की दाल लेकर शमी के पेड़ की जड़ में अर्पित करें। यह उपाय आर्थिक संकट को कम करने और कर्ज से राहत पाने में सहायक माना जाता है। नियमित रूप से यह उपाय करने से धन संबंधी समस्याओं में सुधार देखा जा सकता है।
साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव को कम करने के लिए
शनिवार के दिन पीपल के पेड़ से 11 पत्ते तोड़कर उनकी माला बनाएं। इसके बाद शनि मंदिर जाकर यह माला अर्पित करें और “ॐ श्रीं ह्रीं शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का 108 बार जप करें। यह उपाय शनि के दुष्प्रभावों को कम करता है और जीवन में स्थिरता, धैर्य तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
सुखी और शांतिपूर्ण जीवन के लिए
शनिवार की सुबह एक लोटे में जल लें और उसमें थोड़ा काला तिल मिलाकर पीपल के पेड़ की जड़ में अर्पित करें। साथ ही पीपल की परिक्रमा करें और मन ही मन अपनी प्रार्थना कहें। यह उपाय जीवन के दुख-दर्द को दूर करने और मानसिक शांति पाने के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
दान का विशेष महत्व
शनिवार के दिन दान करना अत्यंत शुभ फलदायी होता है। इस दिन सरसों का तेल, काले तिल, काली उड़द, लोहा, छाता, काले ऊनी वस्त्र आदि का दान करें। ध्यान रखें कि इन वस्तुओं को शनिवार के दिन खरीदने से बचें। दान करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है और बाधाएं दूर होती हैं।
हनुमान जी की आराधना
शनिवार को हनुमान जी की पूजा भी विशेष फलदायी मानी जाती है। इस दिन हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से शनि दोष शांत होता है। मान्यता है कि हनुमान जी की कृपा से शनि देव भी प्रसन्न रहते हैं और कष्टों से रक्षा करते हैं।
पशु-पक्षियों को भोजन कराएं
शनिवार के दिन सरसों के तेल से चुपड़ी हुई रोटी कौवे या काले कुत्ते को खिलाएं। यह उपाय शनि देव को प्रसन्न करने का सरल और प्रभावी तरीका माना जाता है।
शनिवार के ये उपाय केवल अंधविश्वास नहीं, बल्कि आत्मअनुशासन, दान, सेवा और सकारात्मक सोच का प्रतीक हैं। श्रद्धा और नियमितता के साथ किए गए ये उपाय जीवन में स्थिरता, समृद्धि और शांति ला सकते हैं। याद रखें, शनि देव न्यायप्रिय हैंसच्चे कर्म, धैर्य और विनम्रता ही उनकी कृपा का वास्तविक मार्ग हैं।