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दिव्य सुधा > व्रत और त्योहार > सावन 2025: जानें तिथियां, व्रत, शिव पूजन विधि और अभिषेक के खास फल
व्रत और त्योहार

सावन 2025: जानें तिथियां, व्रत, शिव पूजन विधि और अभिषेक के खास फल

दिव्यसुधा
Last updated: July 11, 2025 1:06 pm
दिव्यसुधा
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इस साल गुरु पूर्णिमा 10 जुलाई को है और हर साल की तरह सावन माह श्रावण कृष्ण पक्ष से प्रारंभ होता है हिंदू धर्म में सावन का महीना बेहद पवित्र माना जाता है। इस महीने में भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। बता दें कि इस बार सावन का पवित्र महीना 11 जुलाई 2025 से शुरू हो रहा है, जो 9 अगस्त 2025को समाप्त होगा। इस साल यह महीना भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए शुभ योग बना रहा है। ऐसे में आप इन अचूक उपायों के सावन की शुरुआत में इस बार कई सारे ग्रहों की चा बदलने जा रही है सूर्य, मंगल व शुक्र राशि परिवर्तन करेंग। साथ ही, बुध और शनि वक्री चाल चलेंगे. इनके अलावा, कई शुभ योग शिव योग, प्रीति योग और आयुष्मान योग भी बनने जा जा रहे हैं।

सावन के महीने में कुल 4 सावन सोमवार व्रत रखे जाएंगे। वहीं सावन के महीने कई तरह के शुभ योगों का भी निर्माण होगा।
सावन का पहला सोमवार- 14 जुलाई 2025
सावन का दूसरा सोमवार – 21जुलाई 2025
सावन का तीसरा सोमवार – 28 जूलाई2025
सावन का चौथा सोमवार – 4 अगस्त 2025

और सावन मास की शिवरात्रि 23 जूलाई 2025 बुधवार को है
सावन अमावस्या 24 जूलाई 2025
हरियाली तीज 27 जूलाई 2025
नाग पंचमी 29 जूलाई 2025
श्रावण पुत्रदा एकादशी 5 अगस्त 2025
रक्षाबंधन 9 अगस्त 2025 को मनाया जाएगा

सावन में सोमवार के दिन क्या-क्या करें

  • सावन सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठकर घर और अपने मंदिर की साफ सफाई करने के बाद स्नान करें।
  • इसके बाद शिव मंदिर जाएं और उचित अनुष्ठानों के साथ मन्दिर में रुद्राभिषेक पूजा करे।
  • पूजा के लिए बेल पत्र, धतूरा, गंगाजल और दूध का जरूर इस्तेमाल करें. साथ ही शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करे।
  • भगवान शिव को घी-शक्कर का भोग अत्यंत पसंद है. उन्हें ये भोग जरूर लगाएं।
  • पूजा समाप्त करके आरती करें. आरती खत्म होते ही लोगो में प्रसाद बांटें।

क्यों होता है सावन में शिव का पूजन
किस वस्तु से भगवान शिव का अभिषेक करने से क्या क्या फल प्राप्त होता है
1.दूध से अभिषेक करने से सुख शांति और पुत्र प्राप्ति होती है

  1. दही से अभिषेक करने से वाहन की प्राप्ति होती है।
  2. जी शहद से अभिषेक करने से मकान प्राप्ति वंश विस्तार हेतु आपसे किया जाता है।
  3. कुशा के जल से अभिषेक करने से रोग शांति हेतु अभिषेक किया जाता हैं।
  4. गन्ने के रस से अभिषेक करने से लक्ष्मी प्राप्ति व्यापार वृद्धि हेतु अभिषेक किया जाता है।
  5. अनार के रस से अभिषेक करने से शीघ्र विवाह हेतु अभिषेक किया जाता है।
  6. पंचामृत से अभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
  7. नारियल के जल से अभिषेक करने से जादू टोना शत्रु बाधा के शांति के लिए अभिषेक किया जाता है।

जो व्यक्ति सावन के सोमवार का व्रत करता है उसके वैवाहिक जीवन में खुशहाली बनी रहती है, साथ ही जीवन में सुख समृद्धि की कमी भी नहीं रहती है इसके अलावा सावन के सोमवार का व्रत करने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है. साथ ही स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है. अगर आप किसी भक्तों को महा रुद्राभिषेक इत्यादि कराना हो तो मंदिर में संपर्क कर सकते हैं

TAGGED:savansavan ke upayshiv abhishekshiv puja vidhiसनातन धर्म
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