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दिव्य सुधा > व्रत और त्योहार > सफला एकादशी व्रत: सफलता, विष्णु कृपा और लक्ष्मी प्राप्ति के चमत्कारी उपाय
व्रत और त्योहार

सफला एकादशी व्रत: सफलता, विष्णु कृपा और लक्ष्मी प्राप्ति के चमत्कारी उपाय

दिव्यसुधा
Last updated: December 14, 2025 2:37 pm
दिव्यसुधा
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सफला एकादशी व्रत में भगवान विष्णु की पूजा और विष्णु सहस्रनाम पाठ करते श्रद्धालु
सफला एकादशी पर विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन में सफलता और लक्ष्मी कृपा प्राप्त होती है।
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सनातन धर्म में सफला एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है और मान्यता है कि इसके प्रभाव से जीवन में आ रही बाधाएँ दूर होती हैं तथा हर कार्य में सफलता प्राप्त होती है। “सफला” शब्द स्वयं इस एकादशी की शक्ति को दर्शाता है, जो साधक के प्रयासों को फल प्रदान करती है। इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत करने से श्रीहरि की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

एकादशी की रात का आध्यात्मिक महत्व
सफला एकादशी की रात को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, इस रात्रि किए गए जप, पाठ और साधना का फल कई गुना बढ़ जाता है। यही कारण है कि इस रात कुछ विशेष उपाय बताए गए हैं, जिनके पालन से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी दोनों प्रसन्न होते हैं तथा जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।

विष्णु सहस्रनाम पाठ से पापों का नाश
एकादशी की रात भगवान विष्णु के सहस्रनाम का पाठ करना अत्यंत शुभ माना गया है। यह पाठ व्यक्ति के संचित पापों का नाश करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है। स्नान कर स्वच्छ होकर पीले वस्त्र धारण कर भगवान विष्णु के समक्ष घी का दीपक जलाकर सहस्रनाम का पाठ करने से व्यापार, नौकरी और जीवन के अन्य क्षेत्रों में सफलता के योग बनते हैं।

तुलसी पूजन से लक्ष्मी कृपा
तुलसी माता को देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। सफला एकादशी की रात तुलसी के समक्ष दीपक जलाकर श्रद्धा से परिक्रमा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में स्थायी रूप से वास करती हैं। यह उपाय आर्थिक स्थिरता और पारिवारिक सुख को बढ़ाने में सहायक माना जाता है।

पीले वस्त्र और पीले भोग का महत्व
पीला रंग भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। सफला एकादशी के दिन श्रीहरि को पीले वस्त्र अर्पित कर पीली मिठाई का भोग लगाने से कार्यक्षेत्र में उन्नति और धन लाभ के योग बनते हैं। यह उपाय विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना गया है, जो अपने करियर या व्यापार में प्रगति चाहते हैं।

पीपल पूजन से दोषों से मुक्ति
पीपल के वृक्ष को देवताओं और पितरों का वास स्थल माना गया है। सफला एकादशी के दिन पीपल की जड़ में जल और दूध अर्पित करना तथा संध्या के समय दीपक जलाना अत्यंत फलदायी होता है। इस उपाय से पितृ दोष और कालसर्प दोष जैसी बाधाओं से राहत मिलती है और जीवन में आ रही रुकावटें दूर होती हैं।

कार्यक्षेत्र में हल्दी का उपाय
सफला एकादशी की रात हल्दी को जल में मिलाकर कार्यस्थल के मुख्य द्वार और तिजोरी पर छिड़काव करना धनवृद्धि का प्रभावी उपाय माना गया है। हल्दी भगवान विष्णु की प्रिय मानी जाती है और इसके प्रयोग से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा व्यापार में लाभ के योग बनते हैं।

सफला एकादशी से जीवन में सफलता
सफला एकादशी का व्रत और उससे जुड़े उपाय न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यह व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की शक्ति भी रखते हैं। श्रद्धा, संयम और भक्ति के साथ किए गए ये उपाय भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का सरल मार्ग हैं, जो जीवन को सुख, समृद्धि और सफलता से भर देते हैं।

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