हिंदू धर्म में सकट चौथ को अत्यंत पुण्यदायी व्रत माना गया है। यह व्रत रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवान गणेश और चंद्र देव को समर्पित होता है। माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को पड़ने के कारण इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से जीवन में आने वाले संकट दूर होते हैं, आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और संतान की लंबी आयु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
सकट चौथ 2026 की तिथि और शुभ समय
साल 2026 में सकट चौथ का व्रत 6 जनवरी, मंगलवार को रखा जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास की चतुर्थी तिथि 6 जनवरी को सुबह 8 बजकर 2 मिनट से शुरू होकर 7 जनवरी को सुबह 6 बजकर 53 मिनट तक रहेगी। चूंकि चंद्रोदय 6 जनवरी को ही चतुर्थी तिथि में होगा, इसलिए इसी दिन व्रत रखना शास्त्रसम्मत माना गया है।
सकट चौथ व्रत का धार्मिक महत्व
सकट चौथ के दिन महिलाएं विशेष रूप से निर्जला व्रत रखती हैं और भगवान गणेश के साथ सकट माता की भी आराधना करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा से संतान की रक्षा होती है और जीवन में आने वाली बाधाएं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं।
सकट चौथ पर क्या न करें
सकट चौथ पर कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक होता है। इस दिन काले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए, क्योंकि किसी भी व्रत या शुभ कार्य में काले रंग को अशुभ माना गया है। चंद्र देव को अर्घ्य देते समय जल में चावल और दूध मिलाना शुभ होता है, लेकिन ध्यान रहे कि अर्घ्य का जल पैरों पर न गिरे। पूजा में तुलसी के पत्तों का प्रयोग नहीं करना चाहिए, जबकि भगवान गणेश को दूर्वा घास अर्पित करना अत्यंत फलदायी माना गया है।
सकट चौथ पर धन-समृद्धि के विशेष उपाय
यदि आप धन-समृद्धि और कार्यों में सफलता चाहते हैं, तो सकट चौथ के दिन भगवान गणेश के सामने दो सुपारी और दो इलायची रखकर विधि-विधान से पूजा करें। मान्यता है कि इससे रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं। इसके अलावा लाल कपड़ा बिछाकर उस पर श्रीयंत्र स्थापित करें और बीच में एक सुपारी रखें। पूजा के बाद श्रीयंत्र और सुपारी को तिजोरी में रखने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
चंद्र अर्घ्य का महत्व
चंद्रमा को अर्घ्य देते समय जल में लाल चंदन, पुष्प, कुश और अक्षत मिलाने से घर-परिवार में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
इस प्रकार, सकट चौथ 2026 पर श्रद्धा, नियम और विधि-विधान के साथ किए गए उपाय जीवन में धन, समृद्धि और संकटों से मुक्ति का मार्ग खोलते हैं।