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दिव्य सुधा > सनातन धर्म > मंदिर > उज्जैन स्थित ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर: त्रेता युग से कर्ज मुक्ति का दिव्य धाम
मंदिर

उज्जैन स्थित ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर: त्रेता युग से कर्ज मुक्ति का दिव्य धाम

दिव्यसुधा
Last updated: November 24, 2025 3:12 pm
दिव्यसुधा
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उज्जैन ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर, शिप्रा तट स्थित प्राचीन शिव मंदिर जहाँ राजा हरिश्चंद्र ने ऋण मुक्ति की साधना की
वटवृक्ष के तने में स्थित उज्जैन का दिव्य ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर, जहाँ श्रद्धालु कर्ज मुक्ति की कामना लेकर आते हैं।
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उज्जैन, जिसे बाबा महाकाल की नगरी के नाम से जाना जाता है आध्यात्मिक ऊर्जा और शिव भक्तों की आस्था से भरा हुआ शहर है। इसी पवित्र भूमि पर शिप्रा नदी के तट पर एक ऐसा दिव्य मंदिर स्थित है जिसकी महिमा सुनकर हर कोई श्रद्धा से भर जाता है यह है ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर। मान्यता है कि त्रेता युग से यह स्थान कर्ज मुक्ति और संकट निवारण के लिए सिद्ध माना जाता है। भक्तों का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से की गई आराधना हर प्रकार के आर्थिक बोझ और ऋण से मुक्ति दिलाती है।

त्रेता युग से जुड़ी दिव्य कथा
पौराणिक मान्यता के अनुसार ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास लाखों वर्ष पुराना है। कहा जाता है कि त्रेता युग में राजा हरिश्चंद्र स्वयं इस स्थल पर आए थे। एक घटना में जब वे अपने दिए गए वचन को पूरा नहीं कर पाए और ऋणग्रस्त हो गए, तब उन्होंने भगवान शिव की शरण इसी स्थान पर ली। किवदंती है कि उनकी कठोर साधना और भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव प्रकट हुए और उन्हें ऋण से मुक्त होने का आशीर्वाद दिया। तभी से यह स्थान कर्ज मुक्ति का सिद्ध धाम माना जाने लगा।

वटवृक्ष के तने में बसा अनोखा मंदिर
ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर न सिर्फ आस्था का केंद्र है बल्कि इसकी संरचना भी दर्शनीय है। यह मंदिर एक विशाल वटवृक्ष के तने में स्थापित है जो इसे अत्यंत विशिष्ट और पवित्र बनाता है। यह मंदिर परिसर वाल्मिकी धाम क्षेत्र में आता है जहां प्रकृति की सुकून भरी छाया और शिप्रा नदी की शांति भक्तों के मन में दिव्यता का अनुभव कराती है। मंदिर में भगवान शिव के साथ माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय जी की मूर्तियां भी स्थापित हैं।

मंगलवार और शनिवार की विशेष ‘पीली पूजा’
इस मंदिर की सबसे खास और प्रसिद्ध परंपरा है पीली पूजा। सप्ताह में दो दिन, मंगलवार और शनिवार को यहां विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इस पूजा में भक्त पीले वस्त्र में चना दाल, हल्दी और गुड़ बांधकर भगवान शिव को अर्पित करते हैं। माना जाता है कि पीली पूजा से कर्ज से मुक्ति की प्रक्रिया तेज होती है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है।

आचार्य अनिल शर्मा बताते हैं मंदिर की महिमा
उज्जैन के प्रसिद्ध विद्वान और आचार्य अनिल शर्मा बताते हैं कि ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर कोई साधारण मंदिर नहीं, बल्कि त्रेता युग से स्थापित दिव्य शक्ति केंद्र है। उनका कहना है कि राजा हरिश्चंद्र को यहां शिव की कृपा मिली थी और तब से शिवजी ने यह वचन दिया था कि जो भी भक्त यहां आकर सच्चे मन से पूजा करेगा वह ऋण से अवश्य मुक्त होगा। यही कारण है कि आज भी दूर-दूर से लोग कर्ज से मुक्ति की कामना लेकर यहां आते हैं।

कर्ज से परेशान लोगों के लिए आस्था का मजबूत आधार
जीवन में कभी-कभी व्यापार, नौकरी या अन्य कारणों से व्यक्ति आर्थिक कठिनाइयों में फंस जाता है। ऐसे समय में कई लोग मानसिक तनाव और परेशानी से जूझते हैं। आचार्य अनिल शर्मा बताते हैं कि जो भी व्यक्ति कर्ज में डूबा है, उसे यहां आकर भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए। उनका विश्वास है कि ऋण मुक्तेश्वर महादेव की कृपा से हर संकट टल जाता है और व्यक्ति को नई दिशा और आशा मिलती है।

एक दिव्य विश्वास का केंद्र
ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि ऐसे लाखों लोगों की आस्था का केंद्र है जो जीवन में नई शुरुआत की तलाश में आते हैं। यह मंदिर भक्तों को भरोसा देता है कि जब मन में भक्ति और श्रद्धा हो, तो कोई भी कठिनाई असाध्य नहीं रहती। उज्जैन आने वाले हर श्रद्धालु के लिए यह मंदिर आध्यात्मिक अनुभूति और कर्ज-मुक्ति के पथ का अद्भुत संगम है।

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