सनातन धर्म में सूर्य देव को नवग्रहों का राजा, आत्म कारक और प्रत्यक्ष देवता माना गया है। 8 जनवरी 2026 को एक अत्यंत शुभ रवि योग का निर्माण हो रहा है, जो आध्यात्मिक साधना, पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए विशेष फलदायी माना गया है। यह पावन योग दोपहर 12:24 बजे से प्रारंभ होकर 9 जनवरी 2026 को सुबह 7:15 बजे तक रहेगा।
रवि योग में सूर्य देव की पूजा का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रवि योग में सूर्य देव की आराधना करने से शीघ्र फल की प्राप्ति होती है। इस योग में किया गया अर्घ्यदान, मंत्र जाप और स्तोत्र पाठ जीवन में सुख, शांति, सम्मान और उच्च पद की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। विशेष रूप से “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का जप और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ अत्यंत प्रभावशाली माना गया है।
सूर्य उपासना से मिलने वाले लाभ
सूर्य देव की नियमित उपासना से व्यक्ति को उत्तम स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, पराक्रम और सामाजिक प्रतिष्ठा प्राप्त होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य दोष और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है तथा करियर में आ रही बाधाएं धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं। इसी कारण रवि योग को सफलता और उन्नति प्रदान करने वाला योग कहा गया है।
रवि योग में सूर्य को अर्घ्य देने की विधि
रवि योग के दौरान तांबे के लोटे में जल, रोली, अक्षत और गुड़ डालकर सूर्य देव को अर्घ्य देना अत्यंत शुभ माना गया है। अर्घ्य देते समय मंत्र जप करना और धूप-दीप प्रज्वलित करना साधना को और अधिक फलदायी बनाता है।
रवि योग में शुभ कार्यों का महत्व
यह योग सांसारिक जीवन के महत्वपूर्ण कार्यों के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है। गृह प्रवेश, नई दुकान या व्यवसाय की शुरुआत, वाहन या संपत्ति की खरीद तथा किसी नई योजना की नींव रखने के लिए यह समय विशेष फलदायी होता है और लंबे समय तक लाभ देता है।
8 जनवरी 2026 का पंचांग विवरण
पंचांग के अनुसार, 8 जनवरी को षष्ठी तिथि सुबह 7:05 बजे तक रहेगी, इसके बाद सप्तमी तिथि प्रारंभ होगी। इस दिन चंद्रमा सिंह राशि में गोचर करेंगे। सूर्योदय सुबह 7:15 बजे और सूर्यास्त शाम 5:41 बजे होगा।
राहुकाल और भद्रा काल का ध्यान रखें
8 जनवरी को राहुकाल दोपहर 1:46 बजे से 3:04 बजे तक रहेगा। इस अवधि में किसी भी शुभ या महत्वपूर्ण कार्य से बचना चाहिए। वहीं भद्रा काल को अशुभ समय माना गया है, जिसमें विवाह, नामकरण, मुंडन या नया निवेश जैसे कार्य नहीं करने चाहिए, क्योंकि ऐसे कार्यों में बाधाएं आने की संभावना रहती है।
रवि योग का यह पावन समय सूर्य देव की कृपा प्राप्त करने और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का श्रेष्ठ अवसर है। श्रद्धा, विश्वास और विधि-विधान से की गई सूर्य उपासना निश्चित रूप से सुख, समृद्धि और सम्मान प्रदान करती है।