वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की दिशा, वस्तुओं की स्थिति और पौधों का सही चयन जीवन में सुख-समृद्धि लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब घर का मुख्य द्वार सही तरह से सजा और ऊर्जावान पौधों से घिरा होता है, तो वहां मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। ऐसे घरों में धन, सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। पौधे न केवल घर की सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि वातावरण को शुद्ध और शांत भी रखते हैं।
तुलसी का पौधा: पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक
तुलसी को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और शुभ पौधा माना गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी का पौधा घर के मुख्य द्वार के पास या उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में लगाना सबसे शुभ होता है। यह पौधा घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और सकारात्मकता का संचार करता है। तुलसी में देवी लक्ष्मी का वास माना जाता है, इसलिए इसकी नियमित पूजा करने से घर में धन और सौभाग्य की वृद्धि होती है।
बांस का पौधा: दीर्घायु और सौभाग्य का प्रतीक
बांस का पौधा न केवल सुंदरता बढ़ाता है, बल्कि यह सफलता और लंबी आयु का प्रतीक भी है। वास्तु के अनुसार, बांस को मुख्य द्वार के पास पूर्व या उत्तर दिशा में रखना शुभ माना गया है। यह पौधा घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है और परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य बनाए रखता है। ध्यान रहे, 5 डंठल वाला बांस स्वास्थ्य के लिए, 7 डंठल वाला धन के लिए और 9 डंठल वाला सौभाग्य के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
मोगरा या चमेली: शांति और सौंदर्य का स्रोत
मोगरा और चमेली जैसे सुगंधित पौधे वातावरण को शुद्ध करते हैं और मानसिक शांति प्रदान करते हैं। इनकी खुशबू मां लक्ष्मी को प्रिय मानी जाती है। इन पौधों को मुख्य द्वार के बाईं ओर लगाना शुभ होता है। इनसे घर का वातावरण पवित्र और आकर्षक बनता है जिससे देवी लक्ष्मी का आगमन होता है।
एरेका पाम और स्नेक प्लांट: हवा शुद्ध करने वाले पौधे
अगर आप हरियाली चाहते हैं लेकिन ज्यादा समय नहीं दे सकते, तो एरेका पाम और स्नेक प्लांट सबसे बेहतर विकल्प हैं। ये पौधे हवा को शुद्ध करते हैं और नकारात्मकता को दूर करते हैं। इन्हें मुख्य द्वार के उत्तर या पूर्व दिशा में रखने से जीवन में सकारात्मकता और ऊर्जा बढ़ती है।
नीम का पेड़: स्वास्थ्य और शुद्धता का प्रतीक
नीम का पेड़ प्राचीन काल से ही औषधीय और आध्यात्मिक महत्व रखता है। इसे घर के मुख्य द्वार के पास उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। यह वातावरण को शुद्ध रखता है, कीटाणुओं को दूर करता है और नकारात्मक ऊर्जा को घर में प्रवेश करने से रोकता है।
इन पौधों से रखें दूरी
कुछ पौधे देखने में सुंदर होते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार वे घर की ऊर्जा को नकारात्मक बना सकते हैं। कैक्टस जैसे कांटेदार पौधे घर में कलह और तनाव का कारण बनते हैं। मेंहदी, केतकी और रबर प्लांट नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं। वहीं, बरगद और पीपल जैसे धार्मिक वृक्षों को घर के अंदर या मुख्य द्वार के पास नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि इन्हें केवल मंदिर परिसर या खुले स्थानों पर लगाना शुभ होता है।
वास्तु के अनुसार पौधों की देखभाल के नियम
घर के पौधों को हमेशा जोड़े या सम संख्या में रखें, इससे ऊर्जा का संतुलन बना रहता है। पौधों की नियमित देखभाल करें और मुरझाए या सूखे पौधों को तुरंत हटा दें। रात में पौधों के पास दीपक या हल्की रोशनी जलाना शुभ माना जाता है। पौधों के नीचे गंदगी या सूखे पत्ते नहीं होने चाहिए, क्योंकि इससे नकारात्मक ऊर्जा फैलती है।
वास्तु के इन सरल नियमों का पालन करके और शुभ पौधों को मुख्य द्वार पर लगाकर आप अपने घर में न केवल सुंदरता और ताजगी ला सकते हैं, बल्कि मां लक्ष्मी की कृपा और स्थायी समृद्धि भी प्राप्त कर सकते हैं।