लखनऊ। पितृपक्ष के पावन अवसर पर विश्वमांगल्य सभा, अवध प्रांत, लखनऊ महानगर की ओर से विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सभा के सदाचार सभा के सदस्यों ने महान चिंतक और समाजसेवी पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को नमन करते हुए अपनी संस्कृति और परंपरा के प्रति आस्था व्यक्त की।
पूर्वजों के योगदान को किया नमन
कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों ने पितरों के प्रति आभार जताते हुए समाज के निर्माण में उनके योगदान को याद किया। श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए सभी ने संकल्प लिया कि आने वाली पीढ़ी को भी इन आदर्शों और मूल्यों से अवगत कराया जाएगा। यह आयोजन न केवल श्रद्धांजलि देने का अवसर रहा, बल्कि संस्कृति संवर्धन की दिशा में एक प्रेरक पहल भी साबित हुआ।
संयोजकों की भूमिका
श्रद्धांजलि सभा का संचालन विकासनगर सदाचार सभा संयोजक अनुपमा सिंह ने किया। इस आयोजन में उनका विशेष योगदान रहा। वहीं, सहयोगी भूमिका में जानकीपुरम सदाचार सभा सह-संयोजिका श्वेता कार्तिक ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
भावपूर्ण कविता ने बांधा समां
कार्यक्रम में एक भावपूर्ण कविता प्रस्तुत की गई, जिसमें पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के योगदान और समाज के प्रति उनके संरक्षण भाव को शब्दों में पिरोया गया।
“लाल थे वह किसी भी मां के,
लेकिन संरक्षक बने वह हम सबके,
आओ कृतार्थ धर्म निभाना सीखें,
आशीष मिले उनका हम सबको,
संस्कृति सीखे हमारे बच्चे।”
यह आयोजन पितृपक्ष की परंपरा को आगे बढ़ाने और समाज को अपने पूर्वजों के आदर्शों से जोड़ने का सार्थक प्रयास रहा।