फरवरी के अंतिम दिनों में आकाशीय स्थिति एक विशेष संयोग बना रही है। पंचांग के अनुसार 23 फरवरी को मंगल ग्रह ने मकर से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश किया। कुंभ में पहले से सूर्य, बुध, शुक्र और राहु विराजमान हैं। इन पांच ग्रहों के एक साथ आने से पंचग्रही योग बना है। यह संयोग होलाष्टक के दौरान बना है, इसलिए होली तक का समय कुछ राशियों के लिए आत्मचिंतन और संयम का संकेत दे रहा है। हालांकि, होली के बाद परिस्थितियों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिलते हैं।
कन्या राशि: धैर्य और विवेक की आवश्यकता
कन्या राशि के जातकों के लिए यह समय मानसिक दबाव बढ़ा सकता है। कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और विरोधियों की सक्रियता चिंता का कारण बन सकती है। व्यापार में निवेश करने से पहले गहन विचार आवश्यक है, क्योंकि जल्दबाजी आर्थिक हानि दे सकती है। किसी पर अत्यधिक भरोसा करना भी परेशानी का कारण बन सकता है। यदि नौकरी परिवर्तन का विचार चल रहा है, तो होली के बाद निर्णय लेना अधिक उचित रहेगा।
यात्रा करते समय सावधानी रखें और सेहत के मामले में विशेष ध्यान दें। पेट और हृदय से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज न करें। इस समय भगवान शिव की उपासना, महामृत्युंजय मंत्र का जप और सोमवार का व्रत मानसिक शांति प्रदान कर सकता है।
मीन राशि: संयम और सतर्कता का संदेश
मीन राशि के लोगों को स्वास्थ्य के प्रति अधिक सजग रहना होगा। खानपान में लापरवाही फूड पॉइजनिंग या रक्तचाप संबंधी समस्याएं दे सकती है। नींद की कमी भी तनाव बढ़ा सकती है। व्यापार में खर्च बढ़ने से चिंता हो सकती है, इसलिए निवेश और लेन-देन में सतर्कता आवश्यक है।
वाणी में मधुरता बनाए रखें, क्योंकि कठोर शब्द रिश्तों और सम्मान को प्रभावित कर सकते हैं। उधार लेने-देने से फिलहाल बचना ही बेहतर है। आध्यात्मिक उपाय के रूप में गाय की सेवा करना और उसे हरा चारा खिलाना शुभ माना गया है। यह समय संयम, साधना और सकारात्मक सोच से पार किया जा सकता है।