Thursday, 19 Feb 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > आरती/मंत्र > “ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने”: जीवन के हर कष्ट का दिव्य सहारा
आरती/मंत्र

“ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने”: जीवन के हर कष्ट का दिव्य सहारा

Ekta Mishra
Last updated: February 18, 2026 5:01 pm
Ekta Mishra
Share
भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति के समक्ष मंत्र जप करते भक्त का शांत आध्यात्मिक दृश्य
“क्लेशनाशक श्रीकृष्ण मंत्र” – जीवन के हर दुख में दिव्य सहारा
SHARE

जब भी जीवन में दुख, असफलता, भय या चिंता घेर लेती है, तो मन सहज ही ईश्वर की शरण में जाता है। मनुष्य अपनी सामर्थ्य भर प्रयास करता है, पर जब सब मार्ग बंद प्रतीत होते हैं, तब एक ही सहारा शेष रहता है भगवान का स्मरण। यही स्मरण न केवल मानसिक शांति देता है, बल्कि भीतर नई शक्ति और सकारात्मकता का संचार भी करता है।
ऐसे ही प्रभावशाली मंत्रों में एक है

“ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने।
प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः॥”

यह मंत्र भगवान श्रीकृष्ण की करुणा और कृपा को पुकारने का सरल किंतु अत्यंत शक्तिशाली माध्यम है। जब भी मन अशांत हो, परिस्थितियां प्रतिकूल हों या भीतर निराशा घर कर जाए, तब इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप मन को स्थिर और हृदय को आश्वस्त करता है।

मंत्र का भावार्थ और आध्यात्मिक अर्थ
इस श्लोक में हम श्रीकृष्ण को विभिन्न नामों से स्मरण करते हैं—
वासुदेवाय – वासुदेव के पुत्र, दिव्य अवतार।
हरये – जो हर लेते हैं, अर्थात दुख और क्लेश का नाश करने वाले।
परमात्मने – संपूर्ण सृष्टि में व्याप्त सर्वोच्च आत्मा।
गोविंदाय – गोप-गोपियों और गौओं के रक्षक, प्रेम और करुणा के प्रतीक।
प्रणतः क्लेशनाशाय – जो शरण में आए भक्तों के सभी कष्ट दूर करते हैं।

इस मंत्र का अर्थ है—
“हे श्रीकृष्ण, वासुदेव के पुत्र, दुखों का नाश करने वाले परमात्मा गोविंद! मैं आपको बार-बार नमन करता हूँ, कृपया मेरे सभी क्लेश दूर करें।” मंत्र का उच्चारण करते ही मन में एक दिव्य ऊर्जा का संचार होता है। यह केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का सेतु है।

क्यों प्रभावशाली है यह मंत्र?
भगवान श्रीकृष्ण को “क्लेशनाशक” कहा गया है। उन्होंने महाभारत के युद्धभूमि में अर्जुन के मोह और भ्रम को दूर कर उसे जीवन का सच्चा उद्देश्य समझाया। उसी प्रकार यह मंत्र भी हमारे जीवन के संघर्षों में मार्गदर्शक बन सकता है। आज की तेज़ रफ्तार जीवनशैली में मानसिक तनाव, असुरक्षा और भय सामान्य हो गए हैं। ऐसे समय में यह मंत्र मन को भीतर से शांत करता है, आत्मविश्वास जगाता है और परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति देता है।

मंत्र जप के चमत्कारी लाभ

  1. मानसिक तनाव से मुक्ति
    श्रद्धा और एकाग्रता से जप करने पर मन में चल रही चिंता और बेचैनी धीरे-धीरे शांत होने लगती है। यह मंत्र नकारात्मक विचारों को कम कर सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है।
  2. परमात्मा से निकटता
    नियमित जप आत्मा को परमात्मा के अधिक समीप ले जाता है। ध्यान और भक्ति की साधना में यह अत्यंत सहायक है।
  3. भय और असुरक्षा से राहत
    यदि जीवन में कोई बड़ा संकट हो या मन में अनजाना डर हो, तो यह मंत्र आशा और साहस प्रदान करता है।
  4. श्रद्धा और प्रेम की अनुभूति
    बार-बार नमन करने से हृदय में भक्ति, प्रेम और विश्वास की भावना गहराने लगती है।

मंत्र जप की सही विधि
भक्ति में भावना सर्वोपरि है, फिर भी कुछ बातों का ध्यान रखने से जप अधिक प्रभावी हो सकता है—
समय: ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4–6 बजे) या शाम का शांत समय उत्तम है।
माला: तुलसी या रुद्राक्ष की माला से 108 बार जप करें। यदि संभव न हो, तो 11, 21 या 51 बार भी नियमित जप लाभकारी है।
स्थान: स्वच्छ और शांत स्थान पर स्थिर आसन में बैठें।
संकल्प: जप आरंभ करने से पहले मन ही मन संकल्प लें कि आप श्रद्धा से भगवान की शरण में हैं।
एकाग्रता: केवल शब्दों का उच्चारण न करें, बल्कि उनके अर्थ और भाव को अनुभव करें।

वर्तमान समय में मंत्र का महत्व
आज का युग प्रतिस्पर्धा और व्यस्तता से भरा है। मानसिक स्वास्थ्य एक बड़ी चुनौती बन चुका है। बच्चे हों, युवा हों या वृद्ध—हर कोई किसी न किसी तनाव से गुजर रहा है। ऐसे में यह मंत्र एक सरल, सहज और निःशुल्क आध्यात्मिक उपाय है। यह न केवल वयस्कों, बल्कि विद्यार्थियों और युवाओं के लिए भी अत्यंत उपयोगी है। नियमित जप मन को स्थिर करता है, भावनात्मक संतुलन देता है और आत्मबल बढ़ाता है।

“कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने” केवल एक श्लोक नहीं, बल्कि आशा, शक्ति और भक्ति का स्रोत है। यह मंत्र हमें सिखाता है कि जब जीवन में कोई सहारा न दिखे, तब भी एक अदृश्य शक्ति सदैव हमारे साथ है। यदि हम श्रद्धा और विश्वास के साथ श्रीकृष्ण का स्मरण करें, तो वे हमारे जीवन के क्लेश दूर कर हमें सही मार्ग दिखाते हैं। आइए, इस मंत्र को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और भगवान के नाम से अपने जीवन को प्रकाशमय करें।

TAGGED:आध्यात्मिक उपायकृष्ण भक्तिक्लेश नाश मंत्रगोविंद नाम जपभक्ति मार्गमंत्र जप विधिमानसिक शांतिवासुदेवाय मंत्रश्रीकृष्ण मंत्रसनातन धर्म
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article वृंदावन के गोपेश्वर महादेव मंदिर में गोपी रूप में सजे शिवलिंग का दिव्य दर्शन वृंदावन का गोपेश्वर महादेव: जब शिव बने गोपी और प्रेम ने लिया दिव्य रूप
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

अन्य

सावन में भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन, वरना लग सकता है धार्मिक दोष

By दिव्यसुधा
मंदिर

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग: सह्याद्री की गोद में बसा शिव का दिव्य धाम

By दिव्यसुधा
bhagwan vishnu
अन्य

गुरुवार के ये चमत्कारी उपाय करेंगे, तो घर रहेगा सुख-समृद्धि से भरा

By दिव्यसुधा
वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा

पूजन कक्ष में पूर्वजों के चित्र नहीं लगाने का कारण और सही दिशा

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?