गुजरात के विश्वप्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर इस वर्ष लगभग 5 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना जताई जा रही है। अरब सागर के तट पर स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ धाम में हर वर्ष शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में विशेष वृद्धि देखी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, पिछले महीने आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के बाद मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
गिर सोमनाथ जिले के कलेक्टर एन.वी. उपाध्याय ने जानकारी दी कि पहले जहां प्रतिदिन लगभग 20 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए आते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर करीब 75 हजार प्रतिदिन हो गई है। महाशिवरात्रि के मुख्य दिन यह आंकड़ा 5 लाख तक पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं की तैयारियां की जा रही हैं।
भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा जांच गेटों की संख्या 6 से बढ़ाकर 10 कर दी गई है। दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए वन-वे एंट्री और एग्जिट सिस्टम लागू किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है। मंदिर परिसर और पार्किंग क्षेत्र में भंडारे एवं प्रसाद वितरण के लिए अतिरिक्त काउंटर भी स्थापित किए जा रहे हैं।
‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ 8 से 11 जनवरी के बीच आयोजित किया गया था। यह आयोजन जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले ऐतिहासिक हमले के 1000 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में किया गया एक राष्ट्रीय कार्यक्रम था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए थे। इस ऐतिहासिक पर्व के बाद से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया है।
महाशिवरात्रि के अवसर पर गुजरात पर्यटन निगम द्वारा 14, 15 और 16 फरवरी को भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर सहित देशभर के कई कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे, जिससे आध्यात्मिक वातावरण और भी भक्तिमय हो उठेगा।
इस प्रकार, महाशिवरात्रि 2026 पर सोमनाथ धाम केवल पूजा-अर्चना का केंद्र ही नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और सांस्कृतिक गौरव का भव्य संगम बनने जा रहा है।