ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को ‘मनसो जातः’ कहा गया है, अर्थात् चंद्रमा मन का स्वामी है। यह हमारी भावनाओं, मानसिक संतुलन, सुख-सुविधाओं और आंतरिक शांति को गहराई से प्रभावित करता है। चंद्रमा की गति अन्य ग्रहों की तुलना में अत्यंत तीव्र होती है और यह लगभग सवा दो से ढाई दिन में एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है।
इस वर्ष महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 को एक विशेष और दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग लेकर आ रही है। इसी दिन रात्रि 12:41 बजे चंद्रमा अपने मित्र ग्रह शनि की राशि ‘मकर’ में गोचर कर चुके हैं। महाशिवरात्रि जैसे दिव्य पर्व पर चंद्रमा का यह राशि परिवर्तन ब्रह्मांडीय ऊर्जाओं में सकारात्मक बदलाव का संकेत देता है। इसका विशेष प्रभाव तीन राशियों मेष, तुला और मकर पर देखने को मिलेगा।
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए चंद्रमा का यह गोचर उनके दशम भाव, अर्थात् कर्म और करियर के स्थान में हो रहा है। दशम भाव व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा, पद और व्यावसायिक सफलता का प्रतिनिधित्व करता है। महाशिवरात्रि के इस शुभ अवसर पर कर्म भाव में चंद्रमा का स्थित होना आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
जो लोग लंबे समय से प्रमोशन या नई नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे थे, उन्हें सकारात्मक समाचार मिल सकता है। कार्यस्थल पर आपकी कार्यशैली में निखार आएगा और वरिष्ठ अधिकारी आपसे प्रभावित होंगे। व्यापारियों के लिए निवेश का समय अनुकूल रहेगा। अटके हुए कानूनी या सरकारी कार्यों में भी प्रगति संभव है। विद्यार्थियों की एकाग्रता बढ़ेगी और वे कठिन विषयों को भी सरलता से समझ पाएंगे।
तुला राशि
तुला राशि के जातकों के लिए चंद्रमा का गोचर चतुर्थ भाव में होगा, जिसे सुख, माता, संपत्ति और गृहस्थ जीवन का भाव माना जाता है। यह स्थिति जीवन में स्थिरता और भौतिक सुखों की वृद्धि का संकेत देती है।
यदि आप लंबे समय से घर बनाने, संपत्ति खरीदने या वाहन लेने की योजना बना रहे हैं, तो महाशिवरात्रि के बाद इसके प्रबल योग बन सकते हैं। पारिवारिक जीवन में चल रहे मतभेद समाप्त होंगे और घर का वातावरण सौहार्दपूर्ण रहेगा। माता के साथ संबंधों में मधुरता आएगी। रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को अच्छे अवसर प्राप्त हो सकते हैं। मानसिक रूप से आप संतुलित और शांत महसूस करेंगे, जिससे आपके निर्णय अधिक सटीक होंगे।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए यह गोचर सबसे अधिक प्रभावशाली है, क्योंकि चंद्रमा आपकी ही राशि, अर्थात् लग्न भाव में प्रवेश कर रहे हैं। लग्न में चंद्रमा का होना आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और आकर्षण को बढ़ाता है।
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर अपनी ही राशि में चंद्रमा की उपस्थिति आपके व्यक्तित्व को प्रभावशाली बनाएगी। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा और लोग आपकी सलाह को महत्व देंगे। वैवाहिक जीवन में यदि कोई तनाव चल रहा था, तो वह प्रेम और समझ में परिवर्तित हो सकता है। संतान पक्ष से सुखद समाचार मिलने की संभावना है। व्यापारियों के लिए विस्तार के अवसर बनेंगे और इस दौरान की गई यात्राएं भविष्य में लाभदायक सिद्ध होंगी।
समग्र रूप से, महाशिवरात्रि 2026 पर चंद्रमा का मकर गोचर आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक परिवर्तन का संकेत दे रहा है। श्रद्धा और विश्वास के साथ शिव आराधना करने से इन शुभ फलों में और भी वृद्धि हो सकती है। हर हर महादेव।