माघ मेला 2026 को लेकर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर स्थित मां विंध्यवासिनी धाम में व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रयागराज में माघ स्नान के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं और फिर काशी विश्वनाथ धाम की ओर प्रस्थान करते हैं। इसी क्रम को ध्यान में रखते हुए धाम प्रशासन और श्री विंध्य पंडा समाज ने भक्तों की सुविधा और सुरक्षा के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
विशेष तिथियों पर चरण स्पर्श दर्शन पर रोक
भक्तों की अत्यधिक भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन-पूजन को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से माघ मेला अवधि के दौरान रविवार, मंगलवार और विशेष स्नान तिथियों पर चरण स्पर्श दर्शन पर पूरी तरह रोक रहेगी। यह निर्णय पंडा समाज और जिला प्रशासन के संयुक्त विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दो द्वार से होंगे मां के दर्शन
श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मंदिर परिसर में दो अलग-अलग द्वारों से दर्शन की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही भक्त झांकी दर्शन के माध्यम से भी मां विंध्यवासिनी के दर्शन कर सकेंगे। इससे भीड़ का दबाव कम होगा और दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रहेगी।
सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
मां विंध्यवासिनी धाम के सुरक्षा प्रभारी ने सभी श्रद्धालुओं से मंदिर प्रशासन द्वारा बनाए गए नियमों का पालन करने की अपील की है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना से बचा जा सके। प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी रखी जाएगी।
पंडा समाज की शिफ्ट में ड्यूटी
श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने जानकारी दी कि माघ मेला को देखते हुए पंडा समाज के सदस्यों की तीन-तीन घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है। यदि भीड़ अधिक बढ़ती है, तो ड्यूटी पर तैनात सदस्यों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया कि नवरात्रि की तरह ही इस बार भी पूरी तैयारी की गई है, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
पंडा समाज और प्रशासन दोनों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें, नियमों का पालन करें और दर्शन व्यवस्था में सहयोग करें। ऐसा करने से सभी भक्त सहज, सुरक्षित और श्रद्धा के साथ मां विंध्यवासिनी के दर्शन कर सकेंगे।
माघ मेला 2026 के दौरान मां विंध्यवासिनी धाम में की गई ये व्यवस्थाएं श्रद्धालुओं की आस्था, सुरक्षा और सुविधा तीनों को ध्यान में रखकर की गई हैं, ताकि यह पावन यात्रा सभी के लिए सुखद और स्मरणीय बन सके।