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दिव्य सुधा > अन्य > कुंडली में कमजोर मंगल: पहचान और 5 अचूक उपाय
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कुंडली में कमजोर मंगल: पहचान और 5 अचूक उपाय

Ekta Mishra
Last updated: February 24, 2026 1:54 pm
Ekta Mishra
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कमजोर मंगल ग्रह का प्रभाव और उसे मजबूत करने के 5 उपाय
कुंडली में कमजोर मंगल: पहचान और 5 अचूक उपाय
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वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को साहस, ऊर्जा, पराक्रम, आत्मबल, भूमि, रक्त और अनुशासन का कारक माना गया है। यह ग्रह व्यक्ति को निडर, कर्मठ और नेतृत्व क्षमता से युक्त बनाता है। जब मंगल शुभ और सशक्त स्थिति में होता है, तो जीवन में उत्साह, आत्मविश्वास और सफलता का संचार करता है। लेकिन यदि कुंडली में मंगल कमजोर, अशुभ या दोषयुक्त हो जाए, तो इसके विपरीत परिणाम सामने आ सकते हैं।

कमजोर मंगल के कारण व्यक्ति को अत्यधिक क्रोध, बार-बार चोट लगना, रक्त संबंधी समस्याएं, दुर्घटनाएं, कर्ज, भूमि या वाहन से नुकसान, पारिवारिक विवाद और विवाह में विलंब जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कई बार कार्यों में निरंतर बाधाएं आना भी मंगल दोष का संकेत माना जाता है।

कैसे पहचानें कि मंगल कमजोर है?
ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, यदि व्यक्ति को बार-बार चोट लगती हो, रक्तचाप या रक्त से जुड़ी समस्या बनी रहती हो, गुस्सा नियंत्रित न रहता हो, भूमि या संपत्ति से हानि हो रही हो, विवाह में देरी या दांपत्य जीवन में तनाव हो, तो यह संकेत कमजोर मंगल की ओर इशारा करते हैं।

मंगल को मजबूत बनाने के 5 प्रभावी उपाय

मंगलवार को हनुमान जी की उपासना
मंगल ग्रह के अधिदेवता भगवान हनुमान माने गए हैं। प्रत्येक मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करें। हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का श्रद्धापूर्वक पाठ करें और उन्हें सिंदूर व चमेली का तेल अर्पित करें। यह उपाय मंगल दोष को शांत करने में सहायक माना जाता है तथा भय और क्रोध को कम करता है।

मंगल मंत्र का नियमित जप
मंगल को सशक्त करने का अत्यंत प्रभावी उपाय मंत्र जाप है।
मंत्र:
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः

मंगलवार के दिन लाल वस्त्र धारण कर इस मंत्र का 108 बार जप करें। नियमित जप से आत्मबल, ऊर्जा और सकारात्मकता में वृद्धि होती है।

लाल वस्तुओं का दान
दान से ग्रहों की नकारात्मकता कम होती है। मंगलवार को लाल मसूर दाल, गुड़, तांबा या लाल वस्त्र किसी जरूरतमंद को दान करें। यह मंगल की अशुभता को शांत करने में सहायक माना जाता है।

माता और भूमि का सम्मान
मंगल भूमि और माता का कारक ग्रह है। माता-पिता, विशेषकर माता का सम्मान करें और उनका आशीर्वाद लें। भूमि या संपत्ति से जुड़े विवादों से बचें। भूमि का अपमान या अनुचित उपयोग मंगल को और अधिक कमजोर कर सकता है।

शारीरिक परिश्रम और संयम
मंगल ऊर्जा और कर्म का प्रतीक है। प्रतिदिन व्यायाम, योग, सूर्य नमस्कार या कोई शारीरिक गतिविधि अवश्य करें। क्रोध और आवेश पर नियंत्रण रखें तथा जीवन में अनुशासन अपनाएं। सक्रिय और संतुलित जीवनशैली मंगल को सशक्त बनाती है।

मूंगा धारण करने से पहले सावधानी
ज्योतिष में मूंगा रत्न को मंगल के लिए लाभकारी माना गया है। हालांकि, इसे धारण करने से पहले कुंडली की सही जांच आवश्यक है। गलत स्थिति में रत्न प्रतिकूल प्रभाव भी दे सकता है, इसलिए किसी योग्य ज्योतिषाचार्य की सलाह अवश्य लें।

श्रद्धा, नियमितता और सकारात्मक भावना के साथ इन उपायों को अपनाने पर जीवन में परिवर्तन अवश्य देखने को मिल सकता है। मंगल जब संतुलित होता है, तो साहस, आत्मविश्वास और सफलता स्वयं जीवन में प्रवेश करती है।

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