राजस्थान के कोटा जिले के रामगंजमंडी में आयोजित “श्रीराम कथा एवं गौ माता महोत्सव” इन दिनों श्रद्धा, सेवा और सनातन संस्कारों का जीवंत केंद्र बना हुआ है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पूज्य आचार्य श्री धीरेंद्र शास्त्री जी के श्रीमुख से प्रवाहित श्रीराम कथा में जहां हजारों श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कर रहे हैं, वहीं इसी पावन मंच से गौ संरक्षण की दिशा में एक बड़ा ऐलान भी सामने आया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की महत्वपूर्ण पहल
महोत्सव के दूसरे दिन राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी रामगंजमंडी पहुंचे और उन्होंने कोटा में गौ-अभयारण्य बनाए जाने की घोषणा की। यह निर्णय राजस्थान में गौ संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरगामी कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री की इस घोषणा का मंच पर उपस्थित संत समाज और जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया।
गौ सेवा का संदेश देशभर तक
लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि श्रीराम कथा के माध्यम से गौ सेवा और गौ माता के संरक्षण का संदेश पूरे देश में प्रसारित हो रहा है। शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर ने मुख्यमंत्री की घोषणा को आयोजन के उद्देश्य की सफलता बताया और कहा कि यह कार्यक्रम समाज को धर्म, संस्कृति और सेवा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रहा है। ऊर्जा मंत्री श्री हीरालाल नागर ने भी इसे राजस्थान में गौ कल्याण की दिशा में बड़ा कदम बताया।
श्रद्धा और भक्ति से आलोकित रामगंजमंडी
रामगंजमंडी में चल रही पूज्य आचार्य श्री धीरेंद्र शास्त्री जी की कथा में दूर-दराज़ के गांवों और जिलों से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। श्रीराम कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन में संस्कार, संयम और सकारात्मक ऊर्जा भरने वाला आध्यात्मिक अनुभव बन चुकी है। आज रामगंजमंडी की पावन भूमि श्रद्धा और भक्ति के वातावरण से आलोकित हो उठी है।
सनातन संस्कृति, सेवा और संवेदना का संगम
पूज्य बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर द्वारा सनातन संस्कृति को सेवा और मानवीय संवेदना से जोड़ने का प्रयास अत्यंत प्रेरणादायी है। मंदिर के साथ सेवा और उपचार की भावना भारतीय परंपरा की मूल आत्मा को दर्शाती है। इस पावन अवसर पर पूज्य आचार्य श्री धीरेंद्र शास्त्री जी को नमन तथा मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के प्रति आभार व्यक्त किया गया, जिनके नेतृत्व में राजस्थान में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना को निरंतर बल मिल रहा है।