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दिव्य सुधा > ग्रह-नक्षत्र > खरमास 2025: महत्व, सावधान राशियाँ और धार्मिक उपाय
ग्रह-नक्षत्र

खरमास 2025: महत्व, सावधान राशियाँ और धार्मिक उपाय

दिव्यसुधा
Last updated: December 15, 2025 5:14 pm
दिव्यसुधा
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खरमास 2025 में सूर्य देव धनु राशि में गोचर करते हुए, धार्मिक उपाय और ज्योतिषीय प्रभाव
खरमास 2025: सूर्य देव के धनु गोचर का राशियों पर प्रभाव और शुभ धार्मिक उपाय
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हिंदू धर्म में खरमास को ज्योतिष और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण काल माना गया है। जब सूर्य देव धनु राशि में गोचर करते हैं, तब उस अवधि को खरमास कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस समय सूर्य की स्थिति शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती, इसलिए विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नया व्यवसाय या अन्य मांगलिक कार्यों पर रोक रहती है। वर्ष 2025 में खरमास की शुरुआत 16 दिसंबर से हो रही है। हालाँकि यह समय सांसारिक शुभ कार्यों के लिए वर्जित है, लेकिन दान-पुण्य, तप, जप, ध्यान और भक्ति के लिए इसे अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है। इसी दौरान सूर्य गोचर के प्रभाव से कुछ राशियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

खरमास में किन राशियों को रहना होगा विशेष सावधान

मिथुन राशि
खरमास के दौरान सूर्य मिथुन राशि के सातवें भाव को प्रभावित करेंगे। इससे वैवाहिक जीवन और साझेदारी में मतभेद बढ़ सकते हैं। जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रह सकती है। इस समय वाणी पर नियंत्रण रखना और अनावश्यक विवाद से बचना अत्यंत आवश्यक होगा।

कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए सूर्य का गोचर चौथे भाव में प्रभाव डालेगा। इससे घर-परिवार में तनाव, मानसिक अशांति और माता के स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताएँ बढ़ सकती हैं। इस अवधि में संपत्ति, मकान या वाहन से जुड़े फैसले टालना ही बेहतर रहेगा।

धनु राशि
सूर्य स्वयं धनु राशि में गोचर करेंगे, जिससे आत्मविश्वास के साथ-साथ अहंकार की भावना भी बढ़ सकती है। इसका असर रिश्तों पर पड़ सकता है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही नुकसानदेह हो सकती है, इसलिए खान-पान और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए सूर्य बारहवें भाव में गोचर करेंगे। इस कारण खर्चों में वृद्धि हो सकती है और आर्थिक संतुलन बिगड़ने की आशंका रहती है। निवेश करते समय सतर्क रहें और लंबी यात्राओं में अतिरिक्त सावधानी बरतें।

खरमास में क्या करें और क्या न करें

  • खरमास का समय आत्मिक शुद्धि और भक्ति के लिए श्रेष्ठ माना गया है। इस दौरान कुछ विशेष बातों का पालन करने से सकारात्मक फल प्राप्त होते हैं।
  • इस अवधि में दान-पुण्य, मंत्र जाप, सूर्य देव की पूजा और ब्राह्मण सेवा करना अत्यंत फलदायी माना गया है। प्रतिदिन प्रातः सूर्य को जल अर्पित करें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। भगवान विष्णु की नियमित पूजा कर उन्हें तुलसी दल अर्पित करना भी विशेष शुभ फल देता है।
  • वहीं दूसरी ओर, विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नया व्यापार या कोई बड़ा निर्णय खरमास समाप्त होने के बाद ही करना उचित माना गया है। इस समय क्रोध, अहंकार और जल्दबाजी से बचें तथा बड़े आर्थिक या पारिवारिक फैसले टालना ही श्रेयस्कर रहेगा।
TAGGED:खरमास 2025खरमास का महत्वखरमास ज्योतिष प्रभावखरमास में किन राशियों को सावधान रहना चाहिएखरमास में क्या करेंखरमास में पूजा उपायसूर्य गोचर धनु राशि
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