अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर Shri Kashi Vishwanath Temple प्रशासन ने महिलाओं के सम्मान में एक सराहनीय पहल की है। 8 मार्च को मंदिर प्रबंधन की ओर से सभी महिलाओं के लिए बाबा विश्वनाथ के दर्शन की निःशुल्क और सुगम व्यवस्था की घोषणा की गई है। इस विशेष सुविधा का लाभ केवल वाराणसी की स्थानीय महिलाओं को ही नहीं, बल्कि देश-विदेश से आने वाली सभी महिला श्रद्धालुओं को मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को बिना किसी असुविधा के भगवान शिव के दर्शन कराना और समाज में नारी शक्ति के सम्मान का संदेश देना है।
महिलाओं के लिए विशेष प्रवेश द्वार की व्यवस्था
मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी Vishwabhushan Mishra ने जानकारी देते हुए बताया कि 8 मार्च को महिलाओं के प्रवेश के लिए द्वार संख्या 4-बी निर्धारित किया गया है। इस विशेष प्रवेश द्वार से महिला श्रद्धालुओं को सीधे मंदिर परिसर में प्रवेश दिया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य महिलाओं को लंबी कतारों में खड़े होने और टिकट से जुड़ी परेशानियों से राहत देना है। मंदिर प्रशासन का मानना है कि इस विशेष व्यवस्था से महिलाएं शांतिपूर्वक और सहज रूप से बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकेंगी।
छोटे बच्चों के साथ आने वाली माताओं को प्राथमिकता
मंदिर प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो महिलाएं अपनी गोद में छोटे बच्चों को लेकर मंदिर आएंगी, उन्हें दर्शन के लिए विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य माताओं और छोटे बच्चों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाना है, ताकि वे भी बिना किसी कठिनाई के भगवान के दर्शन कर सकें।
स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए समय यथावत
मंदिर प्रशासन के अनुसार काशी के स्थानीय निवासियों के लिए सुबह 4 बजे से 5 बजे तक और शाम 4 बजे से 5 बजे तक का समय पहले की तरह आरक्षित रहेगा। इसके अतिरिक्त दिन के अन्य समय में महिलाओं के लिए विशेष प्रवेश और निःशुल्क दर्शन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
नारी सम्मान का संदेश
मंदिर प्रशासन की कामना है कि भगवान विश्वनाथ का आशीर्वाद सभी श्रद्धालुओं और संपूर्ण मानवता पर बना रहे। मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्रा ने कहा कि बाबा विश्वनाथ सभी सनातन धर्मावलंबियों और भक्तों का कल्याण करें।
गौरतलब है कि श्री काशी विश्वनाथ धाम देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर प्रशासन ने सभी भक्तों से अपील की है कि इस विशेष दिन पर मंदिर परिसर में शांति और अनुशासन बनाए रखें, ताकि नारी शक्ति को बाबा विश्वनाथ के दर्शन सहजता से प्राप्त हो सकें।