करवा चौथ व्रत की तारीख को लेकर अब कोई भ्रम नहीं है। इस साल करवा चौथ का व्रत 10 अक्टूबर, शुक्रवार के दिन रखा जाएगा। इस दिन सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए उपवास रखती है। इस बार पूजा का शुभ मुहूर्त केवल 1 घंटे 14 मिनट तक ही रहेगा। इसलिए व्रत रखने वाली महिलाओं को चाहिए कि वे पहले से ही पूजा की पूरी तैयारी कर लें, ताकि शुभ समय पर पूजा पूरी हो सके और कोई कमी न रह जाए। जो महिलाएं व्रत रखेंगी, उन्हें सरगी का समय, पूजा मुहूर्त, और चंद्रोदय का समय पहले से नोट कर लेना चाहिए ताकि व्रत सफलतापूर्वक पूरा हो सके।
करवा चौथ मुहूर्त
करवा चौथ व्रत के लिए कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर गुरुवार रात 10 :54 से 10 अक्टूबर को शाम 7:38 मिनट तक है। ऐसे में चंद्रोदय समय के आधार पर करवा चौथ 10 अक्टूबर को है।
करवा चौथ के दिन पूजा मुहूर्त
करवा चौथ के दिन पूजा का शुभ समय शाम 5:57 बजे से 7:11 बजे तक रहेगा। यह सवा घंटे का विशेष मुहूर्त सुहागन महिलाओं के लिए अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना गया है।
करवा चौथ पर सरगी का समय
10 अक्टूबर को करवा चौथ के दिन सरगी का शुभ समय सुबह 4:40 बजे से 6:19 बजे तक रहेगा। परंपरा के अनुसार, सरगी सूर्योदय से पहले ग्रहण की जाती है। इस दिन सूर्योदय का समय 6:19 बजे है।
करवा चौथ व्रत का कुल समय
करवा चौथ का व्रत सुबह 6:19 बजे से शुरू होकर रात 8:13 बजे तक चलेगा। इस दौरान सुहागन महिलाएं लगभग 13 घंटे 54 मिनट तक निर्जला व्रत रखेंगी और चंद्रोदय के बाद अर्घ्य देकर व्रत का समापन करेंगी।
करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय
इस वर्ष चांद रात 8 बजकर 13 मिनट पर उदित होगा।
करवा चौथ अर्घ्य का समय
व्रती महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य 8:13 बजे देंगी। दूध, जल, अक्षत और फूल मिलाकर चंद्रदेव को अर्घ्य अर्पित किया जाएगा।
करवा चौथ पारण का समय
चंद्रमा की पूजा और अर्घ्य के बाद पति के हाथों जल ग्रहण कर महिलाएं व्रत तोड़ेंगी। इसके पश्चात फल, प्रसाद और भोजन ग्रहण किया जाएगा। पारण का समय रात 8:13 बजे के बाद रहेगा।
करवा चौथ के शुभ मुहूर्त
इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:45 से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। अमृत काल दोपहर 3:22 से शाम 4:48 बजे तक और निशिता मुहूर्त रात 11:43 से 12:33 बजे तक रहेगा।