होली हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इसमें होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा तिथि को किया जाता है और रंगोत्सव चैत्र कृष्ण प्रतिपदा के दिन मनाया जाता है और यहां से चैत्र मास का आरंभ होता है। वहीं होलिका दहन का अपना महत्व है और इसे बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि विधि-विधान से होलिका दहन की पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और सुख-संपत्ति का आगमन होता है।
होलिका दहन के दौरान परिवार के सभी सदस्य एक साथ रहें। मन्यता है कि होलिका दहन की परिक्रमा पूरे परिवार को एक साथ करनी चाहिए। इससे परिवार में मेलजोल बढ़ता है। अगर आपके घर में आर्थिक समस्याएं चल रही हैं तो परिक्रमा करते समय होलिका की आग में चना, मटर, गेहूं और अलसी जरूर डालें, ऐसा करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसेगी और घर में धन-संपत्ति का वास होगा। वैदिक विधि के अनुसार, होलिका दहन के रत में कुछ उपायों से आरोग्य सुख की प्राप्ति के साथ आर्थिक समस्याओं का निदान हो सकता है।
होलिका दहन पर उपाय :
- होलिका दहन की रात घर के सभी सदस्यों को सरसों का उबटन बनाकर पूरे शरीर पर मालिश करना चाहिए। इससे जो भी मैल निकले उसे होलिकाग्नि में डाल दें। ऐसा करने से जादू, टोने का असर समाप्त होता है और शरीर स्वस्थ रहता है।
- घर, दुकान और कार्यस्थल की नजर उतारकर उसे होलिका में दहन करने से लाभ होता है। होलिका दहन के दिन भय और कर्ज से मुक्ति पाने के लिए नरसिंह स्तोत्र का पाठ करना लाभदायक होता है।
- होलिका दहन के बाद जलती अग्नि में नारियल दहन करने से नौकरी से जुडी बाधाएं दूर होती हैं।
- यदि आप लगातार बीमारी से परेशान हैं, तो होलिका दहन के बाद बची राख को मरीज के सोने वाले स्थान पर छिड़कने से लाभ मिलता है।
- सफलता प्राप्ति के लिए होलिका दहन स्थल पर नारियल, पान तथा सुपारी भेंट करें। होलिका दहन के दूसरे दिन राख लेकर उसे लाल रुमाल में बांधकर पैसों के स्थान पर रखने से बेकार खर्च रुक जाते हैं।
- दांपत्य जीवन में शांति के लिए होली की रात उत्तर दिशा में एक पाट पर सफेद कपड़ा बिछाकर उस पर मूंग, चने की दाल, चावल, गेहूं, मसूर, काले उड़द एवं तिल के ढेर पर नवग्रह यंत्र स्थापित करें। इसके बाद केसर का तिलक कर घी का दीपक जलाकर पूजन करें।
- होलिका दहन के बाद बची हुई राख को माथे पर लगाएं। इसे लगाने का सही तरीका है बायीं ओर से दायीं ओर तीन रेखा खींचें। इसे त्रिपुण्ड कहते हैं। इसे लगाने से 27 देवता प्रसन्न होते हैं।
- होलिका दहन की रात जौ, अरसी, कुश को गाय के गोबर में मिलाकर छोटा उपला बना लें। इसे घर के मुख्य द्वार पर लटका दें। ऐसा करने से बुरी शक्तियों, नज़र दोष,से घर में रहने वाले लोग सुरक्षित रहते हैं।
- होलिका दहन की रात “ॐ नमो धनदाय स्वाहा” मंत्र के जाप करने से धन में वृद्धि होती है।