वैदिक पंचांग के अनुसार सोमवार, 19 जनवरी 2026 से माघ गुप्त नवरात्रि का पावन आरंभ हो रहा है। यह पर्व माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवमी तिथि तक मनाया जाता है। इन नौ दिनों में देवी शक्ति के गुप्त स्वरूपों की आराधना की जाती है। विशेष रूप से मां काली, तारा, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और मां कमला इन दस महाविद्याओं की गुप्त विधि से उपासना का विधान है। साधक इस दौरान व्रत, जप, तप और साधना के माध्यम से आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, गुप्त नवरात्रि के प्रथम दिन से ही कई अत्यंत शुभ और दुर्लभ योग बन रहे हैं। इन योगों में श्रद्धा और नियमपूर्वक दस महाविद्याओं की पूजा करने से साधक को गुप्त कार्यों, साधना, तंत्र और जीवन की जटिल समस्याओं में सफलता प्राप्त होती है। साथ ही नकारात्मक शक्तियों से रक्षा और मानसिक शांति का भी अनुभव होता है।
गुप्त नवरात्रि 2026 के शुभ संयोग
19 जनवरी को प्रतिपदा तिथि पर सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है।
20 जनवरी को द्वितीया तिथि पर द्विपुष्कर योग का विशेष संयोग बनेगा।
21 और 22 जनवरी को तृतीया व चतुर्थी तिथि पर रवि योग रहेगा।
23 जनवरी को पंचमी तिथि पर परिघ और शिव योग का महासंयोग बन रहा है।
24 जनवरी षष्ठी तिथि पर शिव और सिद्ध योग रहेगा।
25 जनवरी सप्तमी को सिद्ध और साध्य योग,
26 जनवरी अष्टमी को साध्य और शुभ योग,
तथा 27 जनवरी नवमी तिथि पर शुभ और ब्रह्म योग का अत्यंत दुर्लभ संयोग बनेगा।
गुप्त नवरात्रि 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार माघ शुक्ल प्रतिपदा तिथि का आरंभ 19 जनवरी को देर रात 01 बजकर 21 मिनट पर होगा और समाप्ति 20 जनवरी को 02 बजकर 14 मिनट पर होगी। उदया तिथि मान्य होने के कारण गुप्त नवरात्रि का आरंभ 19 जनवरी से ही होगा।
घटस्थापना का शुभ समय
19 जनवरी को घटस्थापना का श्रेष्ठ समय सुबह 07:14 बजे से 10:46 बजे तक रहेगा। इसके अतिरिक्त अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12:11 से 12:53 बजे तक भी घटस्थापना की जा सकती है। साधक अपनी सुविधा और साधना विधि के अनुसार घटस्थापना कर दस महाविद्याओं की पूजा आरंभ कर सकते हैं।
विशेष शुभ योग और नक्षत्र
गुप्त नवरात्रि के प्रथम दिन सर्वार्थ सिद्धि योग दिन में 11:52 बजे से प्रारंभ होगा। वहीं सिद्धि योग का संयोग रात 08:46 बजे से रहेगा। इस दिन उत्तराषाढ़ा और श्रवण नक्षत्र का शुभ संयोग घटस्थापना को और भी फलदायी बनाता है।
पंचांग विवरण
सूर्योदय सुबह 07:14 बजे और सूर्यास्त शाम 05:49 बजे होगा।
चंद्रोदय सुबह 07:40 बजे तथा चंद्रास्त शाम 06:20 बजे रहेगा।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:27 से 06:21 बजे तक,
विजय मुहूर्त दोपहर 02:18 से 03:00 बजे तक,
गोधूलि मुहूर्त शाम 05:47 से 06:14 बजे तक
और निशिता मुहूर्त रात्रि 12:05 से 12:59 बजे तक रहेगा।
गुप्त नवरात्रि को सनातन परंपरा में साधना, सिद्धि और आत्मिक जागरण का अत्यंत महत्वपूर्ण काल माना गया है। इस पावन अवसर पर मां शक्ति की कृपा से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और आध्यात्मिक उन्नति संभव होती है।