धन की देवी मां लक्ष्मी का आशीर्वाद हर व्यक्ति अपने जीवन में चाहता है। मान्यता है कि जहां लक्ष्मी जी की कृपा होती है, वहां सुख, समृद्धि और शांति का स्थायी वास होता है। कई लोग आर्थिक समृद्धि के लिए महंगे तंत्र-मंत्र या विशेष अनुष्ठानों का सहारा लेते हैं, लेकिन शास्त्रों और वास्तु शास्त्र में ऐसे सरल उपाय बताए गए हैं जिन्हें बिना किसी खर्च के अपनाया जा सकता है। ये उपाय घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं और मां लक्ष्मी की कृपा बनाए रखने में सहायक होते हैं।
स्वच्छता और सकारात्मक वातावरण का महत्व
मां लक्ष्मी को चंचल स्वभाव की देवी कहा गया है। वे वहीं निवास करती हैं जहां स्वच्छता, शांति और सात्विकता हो। इसलिए घर की नियमित साफ-सफाई अत्यंत आवश्यक है। विशेष रूप से मुख्य द्वार को साफ और व्यवस्थित रखना चाहिए, क्योंकि यही स्थान ऊर्जा के प्रवेश का मार्ग होता है। स्वच्छ और सुसज्जित द्वार घर में शुभता का संकेत देता है और समृद्धि को आकर्षित करता है।
मुख्य द्वार पर स्वस्तिक का शुभ चिन्ह
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मुख्य द्वार पर सिंदूर या हल्दी से स्वस्तिक का चिन्ह बनाना अत्यंत शुभ माना जाता है। स्वस्तिक मंगल, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। इसे नौ अंगुल लंबा और नौ अंगुल चौड़ा बनाना श्रेष्ठ माना गया है। श्रद्धा भाव से बनाया गया यह चिन्ह नकारात्मक शक्तियों को दूर रखता है और घर में सुख-समृद्धि की रक्षा करता है।
तुलसी का पौधा: लक्ष्मी का प्रतीक
शास्त्रों में तुलसी को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। घर के आंगन या बालकनी में उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में तुलसी का पौधा लगाना विशेष फलदायी होता है। तुलसी के पास प्रतिदिन सुबह और शाम घी का दीपक जलाना और लक्ष्मी मंत्रों का जाप करना घर के वातावरण को पवित्र और ऊर्जावान बनाता है। इससे धन की स्थिरता बनी रहती है और परिवार में सुख-शांति का वास होता है।
संध्या दीपक से बढ़ती है सकारात्मक ऊर्जा
प्रतिदिन शाम को घर के मंदिर, ईशान कोण, मुख्य द्वार की बाईं ओर और तुलसी के पास दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना गया है। जहां अंधकार होता है, वहां नकारात्मक ऊर्जा पनपती है। दीपक का प्रकाश उस अंधकार को दूर कर घर में सकारात्मकता का संचार करता है। नियमित रूप से यह उपाय करने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और घर में सुख-समृद्धि का प्रवाह निरंतर बना रहता है।