वास्तुशास्त्र की तरह फेंगशुई भी एक प्राचीन विद्या है, जो घर और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा के संतुलन पर जोर देती है। फेंगशुई का मूल सिद्धांत यह है कि हमारे आसपास की वस्तुएं, उनका स्थान और उनकी स्थिति हमारे मानसिक, शारीरिक और आर्थिक जीवन को प्रभावित करती हैं। यदि घर में बार-बार बाधाएं आ रही हों, परिवार में तनाव का माहौल बना रहता हो या आर्थिक स्थिति अस्थिर हो, तो कुछ सरल फेंगशुई उपाय अपनाकर वातावरण को संतुलित किया जा सकता है। इन उपायों से घर में नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और सुख-शांति तथा समृद्धि का प्रवाह बढ़ता है। आइए जानते हैं घर से जुड़े ये वास्तु के उपाय जो आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
घर से हटाएं पुराना और अनुपयोगी सामान
वास्तु के अनुसार घर में रखा पुराना, टूटा या अनुपयोगी सामान ऊर्जा के प्रवाह को रोकता है। लंबे समय से अलमारी में रखे पुराने कपड़े, खराब जूते-चप्पल, जंग लगे ताले या बंद पड़ी घड़ियां नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती हैं। विशेष रूप से बंद या टूटी हुई घड़ी जीवन में ठहराव और रुकावट का संकेत देती है। इसलिए समय-समय पर घर की सफाई कर ऐसे सामान को बाहर कर देना चाहिए। जब घर में अनावश्यक वस्तुएं नहीं रहतीं, तो सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश के लिए स्थान खुला रहता है और जीवन में नई संभावनाएं जन्म लेती हैं।
टॉयलेट की स्वच्छता और संतुलन का रखें ध्यान
वास्तु के अनुसार टॉयलेट को ऊर्जा के दृष्टिकोण से संवेदनशील स्थान माना गया है। इसका दरवाजा हमेशा बंद रखना चाहिए, ताकि नकारात्मक ऊर्जा पूरे घर में न फैले। साथ ही टॉयलेट में उचित वेंटिलेशन या रोशनदान होना जरूरी है, जिससे भीतर की अशुद्ध हवा बाहर निकल सके। एक सरल उपाय यह भी है कि कांच या चीनी मिट्टी की कटोरी में साबुत नमक रखकर उसे टॉयलेट में रखें और समय-समय पर बदलते रहें। नमक को नकारात्मक ऊर्जा को सोखने वाला तत्व माना जाता है, जो वातावरण को शुद्ध और संतुलित बनाए रखने में सहायक होता है।
टूटे शीशे और कांच को तुरंत हटाएं
घर में रखा टूटा हुआ शीशा या कांच अशुभ माना जाता है। वास्तु के अनुसार दरार पड़ा शीशा ऊर्जा के असंतुलन और मानसिक अशांति का कारण बन सकता है। ऐसे शीशे में चेहरा देखना भी शुभ नहीं समझा जाता। इसी प्रकार घर में कबाड़ या बेकार वस्तुओं का ढेर लगाना भी नकारात्मकता को बढ़ाता है। स्वच्छ, सुसज्जित और व्यवस्थित घर सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है, जबकि अव्यवस्था तनाव और रुकावट को जन्म देती है।
सिरहाने के पास न रखें अनावश्यक वस्तुएं
रात का समय शरीर और मन के विश्राम का समय होता है। फेंगशुई के अनुसार सोते समय सिरहाने, तकिए या पलंग के नीचे कोई भी वस्तु नहीं रखनी चाहिए। बिस्तर के पास घड़ी, मोबाइल फोन, दवाइयां या अन्य वस्तुएं रखने से नींद की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। पलंग के नीचे सामान भरकर रखने से ऊर्जा का प्रवाह बाधित होता है। इसलिए सोने का स्थान साफ, शांत और खुला रखना चाहिए, जिससे मानसिक शांति और एकाग्रता बनी रहे।
टपकते नल को तुरंत कराएं ठीक
वास्तु के अनुसार जल को धन और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। यदि घर में किसी नल से लगातार पानी टपकता रहता है, तो यह आर्थिक हानि और धन के अपव्यय का संकेत माना जाता है। ऐसे में टपकते नल को तुरंत ठीक कराना चाहिए। जब जल का प्रवाह संतुलित और नियंत्रित रहता है, तो समृद्धि का प्रवाह भी स्थिर रहता है।
इन सरल वास्तु उपायों को अपनाकर घर के वातावरण को सकारात्मक और ऊर्जावान बनाया जा सकता है। जब घर स्वच्छ, व्यवस्थित और संतुलित रहता है, तो परिवार के सदस्यों के जीवन में भी शांति, आनंद और बरकत का विस्तार होता है।