हर व्यक्ति चाहता है कि उसका घर केवल रहने की जगह न होकर प्रेम, सुख-समृद्धि और मानसिक शांति का केंद्र बने। लेकिन कई बार मेहनत और संसाधनों के बावजूद घर में तनाव, धन की कमी, बार-बार बीमारियां या आपसी मतभेद बने रहते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार इसका एक बड़ा कारण घर में मौजूद ऊर्जा का असंतुलन होता है। जब घर की सकारात्मक ऊर्जा कमजोर हो जाती है, तब वास्तु दोष जन्म लेते हैं। ऐसे में कुछ सरल और नियमित उपाय अपनाकर घर के वातावरण को फिर से शुभ और संतुलित बनाया जा सकता है।
मुख्य द्वार को बनाएं शुभ ऊर्जा का प्रवेश द्वार
वास्तु शास्त्र में मुख्य द्वार को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि यहीं से ऊर्जा घर में प्रवेश करती है। यदि प्रवेश द्वार अव्यवस्थित हो, तो नकारात्मक ऊर्जा भी भीतर आने लगती है। इसलिए दरवाजे के सामने जूते-चप्पल, टूटी वस्तुएं या कूड़ा-कबाड़ कभी न रखें। प्रतिदिन मुख्य द्वार की साफ-सफाई करें और सप्ताह में एक-दो बार गंगाजल का छिड़काव अवश्य करें। ऐसा करने से नकारात्मकता दूर रहती है और घर में सकारात्मक शक्तियों का संचार होता है।
सेंधा नमक से करें नकारात्मकता दूर
सेंधा नमक को वास्तु में अत्यंत प्रभावशाली माना गया है। सप्ताह में एक बार पूरे घर में सेंधा नमक मिले पानी से पोंछा लगाने से वातावरण शुद्ध होता है। इसके अतिरिक्त रात के समय एक कटोरी में सेंधा नमक भरकर किसी कोने में रख दें और सुबह उसे बहते पानी में प्रवाहित कर दें। यह उपाय घर में जमा नकारात्मक ऊर्जा को धीरे-धीरे समाप्त कर देता है और मानसिक हल्कापन महसूस होने लगता है।
पूजा स्थान को रखें सक्रिय और स्वच्छ
घर का पूजा स्थान सकारात्मक ऊर्जा का मुख्य स्रोत होता है। यहां प्रतिदिन दीपक जलाना और धूप-अगरबत्ती करना अत्यंत शुभ माना जाता है। सप्ताह में कम से कम एक बार पूजा स्थल की विशेष सफाई करें। ध्यान रखें कि यहां टूटे दीपक, खंडित मूर्तियां या पुराने फूल न हों। स्वच्छ और सक्रिय पूजा स्थान घर में शांति, आध्यात्मिकता और सकारात्मक कंपन बनाए रखता है।
पौधों से बढ़ाएं प्रेम और समृद्धि
वास्तु के अनुसार तुलसी का पौधा घर में सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। प्रतिदिन सुबह-शाम तुलसी के पास दीपक जलाने से वातावरण पवित्र होता है और परिवार में सौहार्द बढ़ता है। वहीं उत्तर या पूर्व दिशा में मनी प्लांट या बांस का पौधा लगाने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और रिश्तों में मधुरता आती है।
बेडरूम में रखें संतुलन
दांपत्य जीवन और मानसिक शांति के लिए बेडरूम का संतुलन बहुत जरूरी है। बिस्तर के सामने आईना नहीं होना चाहिए और बेड के नीचे अनावश्यक सामान जमा न करें। हल्के रंगों का प्रयोग करें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सीमित रखें। इससे मन शांत रहता है और रिश्तों में सामंजस्य बना रहता है।
शंख और घंटी से करें ऊर्जा शुद्ध
घर में सप्ताह में कम से कम एक दिन पूजा के समय शंख या घंटी बजाना अत्यंत शुभ माना गया है। इसकी दिव्य ध्वनि वातावरण को शुद्ध करती है और नकारात्मक ऊर्जा को दूर भगाती है। इन सरल वास्तु उपायों को नियमित रूप से अपनाकर आप अपने घर को सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र बना सकते हैं और जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि का अनुभव कर सकते हैं।