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दिव्य सुधा > featured > गणेश चतुर्थी 2025: बप्पा को प्रसन्न करने के लिए लगाएं प्रिय भोग, मोदक
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गणेश चतुर्थी 2025: बप्पा को प्रसन्न करने के लिए लगाएं प्रिय भोग, मोदक

बप्पा को लगाएं प्रिय भोग, पाएं सुख-समृद्धि का संयोग।

दिव्यसुधा
Last updated: August 22, 2025 6:19 pm
दिव्यसुधा
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गणेश चतुर्थी
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Highlights
  • गणेश चतुर्थी 10 दिन तक चलने वाला महापर्व है।
  • भगवान गणेश को मोदक अति प्रिय हैं, उन्हें “मोदकप्रिय” भी कहा जाता है।
  • मोदक नारियल, गुड़ और मेवों से बना हुआ मीठा पकवान है।

गणेश चतुर्थी का पावन पर्व सम्पूर्ण भारतवर्ष में धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जो भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन प्रारंभ होता है और दस दिनों तक चलता है। इन दस दिनों में भक्त गणपति बप्पा की प्रतिमा अपने घरों या पंडालों में स्थापित कर विधिपूर्वक पूजन, अर्चन और भजन-कीर्तन करते हैं। यह समय भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से परिपूर्ण होता है।

गणेश चतुर्थी के दौरान गणपति बप्पा को प्रिय भोग अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि अगर बप्पा को उनके प्रिय भोग समर्पित किए जाएं, तो वे विशेष रूप से प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं।

इन भोगों में से सबसे प्रिय भोग है – “मोदक”।

मोदक – भगवान गणेश का प्रिय भोग
भगवान गणेश को मोदक अति प्रिय हैं, इसलिए उन्हें “मोदकप्रिय” भी कहा जाता है। यह एक ऐसा मीठा व्यंजन है जो स्वाद में जितना लाजवाब होता है, श्रद्धा में उतना ही महत्वपूर्ण। मोदक को विशेष रूप से गणेश चतुर्थी के दिन बनाकर बप्पा को अर्पित किया जाता है।

मोदक क्या है?
मोदक एक प्रकार का मिठाई है, जो खास तौर पर चावल के आटे या मैदे से बनाया जाता है। इसके अंदर भरावन के रूप में नारियल, गुड़, और ड्रायफ्रूट्स डाले जाते हैं। इसे पकाने के दो तरीके होते हैं –

  • स्टीम किया हुआ मोदक
  • तला हुआ मोदक

स्टीम मोदक महाराष्ट्र में खास लोकप्रिय है और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभकारी माना जाता है।

धार्मिक मान्यता और महत्व
शास्त्रों के अनुसार, एक बार भगवान शिव और पार्वती ने अपने दोनों पुत्रों – कार्तिकेय और गणेश को पृथ्वी की परिक्रमा करने का आदेश दिया। कार्तिकेय तुरंत अपने वाहन मयूर पर सवार होकर निकल पड़े, जबकि गणेश जी ने माता-पिता की परिक्रमा कर ली और कहा कि “मेरे लिए मेरे माता-पिता ही संपूर्ण ब्रह्मांड हैं।” इससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें आशीर्वाद दिया कि वे सर्वप्रथम पूज्य होंगे और जो भी उन्हें प्रिय भोग अर्पित करेगा, उसे समस्त सुख-समृद्धि प्राप्त होगी।

घर में मोदक बनाकर प्रसन्न करें बप्पा
गणेश चतुर्थी के दिन यदि घर में मोदक बनाकर गणपति बप्पा को अर्पित किया जाए, तो यह न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से शुभ होता है, बल्कि घर में सुख-समृद्धि, शांति और धन की वृद्धि भी होती है। मान्यता है कि: “जो भक्त गणेश चतुर्थी पर 21 मोदक अर्पित करता है, उसके जीवन से बाधाएं दूर हो जाती हैं और उसे मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।”

घर पर मोदक बनाने की विधि
सामग्री
:

  • चावल का आटा – 1 कप
  • पानी – 1 कप
  • घी – 1 चम्मच
  • नारियल (कद्दूकस किया हुआ) – 1 कप
  • गुड़ – 1 कप
  • इलायची पाउडर – आधा चम्मच

सूखे मेवे – कटे हुए

विधि:

सबसे पहले पानी में घी डालकर उबालें और उसमें चावल का आटा डालकर गूंथ लें।

एक कड़ाही में नारियल, गुड़ और सूखे मेवे डालकर भूनें।

आटे की छोटी-छोटी लोई बनाएं और उसमें भरावन भरें।

मोदक का आकार देकर स्टीम करें (15-20 मिनट तक)।

अन्य भोग जो बप्पा को प्रिय हैं:

लड्डू (बेसन, बूंदी, नारियल)

पुड़ी और चना

खीर

सजावट में तुलसी और दूर्वा (21 पत्तियां)

गणेश चतुर्थी का सामाजिक संदेश

गणेश उत्सव न सिर्फ धार्मिक आयोजन है, बल्कि सामाजिक एकता, स्वच्छता, सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण का भी प्रतीक बन चुका है। वर्तमान समय में लोग इको-फ्रेंडली गणेश मूर्तियों का चयन कर रहे हैं और पारंपरिक भारतीय व्यंजनों के ज़रिये इस पर्व को और भी खास बना रहे हैं।

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