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दिव्य सुधा > व्रत और त्योहार > छठ पूजा में सूर्य देव के इन 4 मंत्रों का जरूर करें पाठ, पूरी होगी हर कामना
व्रत और त्योहार

छठ पूजा में सूर्य देव के इन 4 मंत्रों का जरूर करें पाठ, पूरी होगी हर कामना

दिव्यसुधा
Last updated: October 25, 2025 10:46 am
दिव्यसुधा
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छठ पूजा में सूर्य देव को अर्घ्य देते श्रद्धालु
छठ पूजा में सूर्य देव को अर्घ्य देने का दृश्य – ऊर्जा, आस्था और पवित्रता का प्रतीक।
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सूर्य उपासना और लोक आस्था का महान पर्व छठ पूजा हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू होकर सप्तमी तिथि तक मनाया जाता है। यह पर्व दिवाली के छह दिन बाद आता है और इस वर्ष इसका आरंभ 25 अक्टूबर से होकर 28 अक्टूबर को संपन्न होगा। चार दिनों तक चलने वाला यह व्रत नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य जैसे अनुष्ठानों के साथ मनाया जाता है। श्रद्धालु इस दौरान सूर्य देव और छठी मैया की पूजा कर सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना करते हैं।

सूर्य उपासना का आध्यात्मिक महत्व

सनातन धर्म में सूर्य देव को ऊर्जा, जीवन और आत्मबल का स्रोत माना गया है। छठ महापर्व के दौरान सूर्य की उपासना करने से न केवल शारीरिक बल बल्कि मानसिक स्थिरता भी प्राप्त होती है। शास्त्रों में बताया गया है कि सूर्य देव के कुछ विशेष मंत्रों का जाप करने से जीवन की कठिनाइयाँ दूर होती हैं और मनुष्य को स्वास्थ्य, समृद्धि और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है।


छठ पूजा के दौरान पढ़े जाने वाले चार विशेष सूर्य मंत्र

1. सूर्य मंत्र

नमः सूर्याय शान्ताय सर्वरोग निवारिणे।
आयुर्य मैस्वैर्यं देहि देवः जगत्पते।।

इस मंत्र के जप से सभी रोगों का नाश होता है और शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है। छठ व्रत के दौरान इस मंत्र का जाप करने से मन और शरीर दोनों शुद्ध होते हैं तथा दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है।


2. सूर्य गायत्री मंत्र

ॐ भास्कराय विद्महे महादुत्याधिकराय धीमहि।
तन्नः सूर्यः प्रचोदयात्।।

यह मंत्र व्यक्ति को तेज, ज्ञान और आत्मबल प्रदान करता है। सूर्य ग्रहण या छठ के दौरान इसका जप करने से सूर्य दोष दूर होते हैं और साधक के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।


3. सूर्य बीज मंत्र

ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।।

सूर्य बीज मंत्र का जप साधक को सूर्य की दिव्य शक्ति से जोड़ता है। यह दृष्टि और आत्मबल को बढ़ाता है। इस मंत्र से यश, सफलता और स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होता है।


4. आदित्य हृदय स्तोत्र

आदित्यहृदयं पुण्यं सर्वशत्रुविनाशनम्।
जयवाहं जपं नित्यमक्षयं परमं शिवम्।।

आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ व्यक्ति के मनोबल को बढ़ाता है और उसे नकारात्मकता से दूर रखता है। कहा जाता है कि इस स्तोत्र का पाठ करने से सूर्य देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में विजय तथा सुख की प्राप्ति होती है।


छठ पूजा में मंत्र जाप का फल

जो साधक इन मंत्रों का श्रद्धा और विश्वास के साथ जाप करता है, उसे सूर्य देव की अनंत कृपा प्राप्त होती है। यह जाप तन, मन और आत्मा को शुद्ध करता है और जीवन में सकारात्मकता लाता है। छठ पूजा के पावन अवसर पर इन चारों मंत्रों का पाठ अवश्य करें — आपकी हर मनोकामना पूर्ण होगी।

TAGGED:humare bhgwanvart tyoharछठ पूजासनातन धर्मसूर्य उपासनासूर्य देवसूर्य मंत्र
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