10 दिसंबर 2025 को मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। यह तिथि दोपहर 1:47 बजे तक रहेगी, जिसके बाद सप्तमी तिथि का आरंभ हो जाएगा। इस दिन श्लेषा नक्षत्र अर्धरात्रि 2:23 बजे तक प्रभावी रहेगा, उसके बाद मघा नक्षत्र प्रारंभ होगा। ग्रहों और नक्षत्रों की इस स्थिति को आध्यात्मिक साधना, पूजा-पाठ और गणेश उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।
राष्ट्रीय और पौराणिक मिति
इस दिन राष्ट्रीय मिति मार्गशीर्ष 19, शक संवत 1947, पौष कृष्ण षष्ठी, बुधवार के रूप में मनाई जाएगी। विक्रम संवत 2082 की तिथि के अनुरूप यह दिन विभिन्न पंचांगों में शुभ माना गया है। साथ ही, सौर मार्गशीर्ष मास प्रविष्टे 25, जमद उल आखिर 18 (हिजरी 1447) और अंग्रेजी तारीख 10 दिसंबर 2025 को दर्शाता है। सूर्य अभी दक्षिणायन में है और हेमन्त ऋतु जारी है।
तिथि, नक्षत्र और योग
इस दिन चंद्रमा सिंह राशि में संचार करेगा, जो साहस, आत्मविश्वास और विद्या में वृद्धि का संकेत देता है।
षष्ठी तिथि: दोपहर 1:47 बजे तक
सप्तमी तिथि: 1:47 बजे के बाद
श्लेषा नक्षत्र: रात 2:23 बजे तक
मघा नक्षत्र: इसके बाद आरंभ
वैधृति योग: दोपहर 12:46 बजे तक
विष्कुंभ योग: इसके पश्चात
वणिज करण: 1:47 बजे तक
बव करण: इसके बाद प्रारंभ
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय: सुबह 7:05 बजे
सूर्यास्त: शाम 5:25 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 5:14 AM – 6:09 AM
विजय मुहूर्त: 1:58 PM – 2:39 PM
निशीथ काल: 11:47 PM – 12:42 AM
गोधूलि बेला: 5:22 PM – 5:50 PM
इन मुहूर्तों में की गई पूजा विशेष फलदायी और मनोकामनापूर्ण मानी जाती है।
आज के अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: 12:00 PM – 1:30 PM
गुलिक काल: 10:30 AM – 12:00 PM
यमगंड: 7:30 AM – 9:00 AM
अमृत काल: 12:13 PM – 1:31 PM
दुर्मुहूर्त: 9:40 AM – 10:58 AM
इन समयों में महत्वपूर्ण कार्यों से बचना शुभ माना गया है।
आज का उपाय
इस विशेष तिथि पर भगवान गणेश की उपासना अत्यंत शुभ मानी गई है। आज के दिन गणेशजी को बेसन के लड्डुओं का भोग लगाने से सभी विघ्न दूर होते हैं, बुद्धि का विकास होता है और घर में सुख-संपत्ति बढ़ती है। यह उपाय मार्गशीर्ष मास में विशेष फलदायी माना गया है।