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दिव्य सुधा > वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा > चूड़ियां पहनते समय न करें ये गलतियां, वरना घर की सुख-समृद्धि पर पड़ सकता है असर
वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा

चूड़ियां पहनते समय न करें ये गलतियां, वरना घर की सुख-समृद्धि पर पड़ सकता है असर

Ekta Mishra
Last updated: March 6, 2026 11:55 am
Ekta Mishra
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हाथों में लाल और हरी चूड़ियां पहने विवाहित महिला, हिंदू परंपरा में चूड़ियों का महत्व
हिंदू परंपरा में चूड़ियां सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती हैं, इसलिए इन्हें पहनते समय कुछ नियमों का ध्यान रखना जरूरी होता है।
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हिंदू संस्कृति में सोलह श्रृंगार का विशेष महत्व बताया गया है। इनमें हाथों में पहनी जाने वाली चूड़ियां केवल सुंदरता बढ़ाने का साधन नहीं होतीं, बल्कि इन्हें सौभाग्य, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक भी माना जाता है। विवाहित महिलाओं के हाथों में खनकती चूड़ियां उनके सुहाग की निशानी मानी जाती हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चूड़ियों का संबंध धन की देवी मां लक्ष्मी और सुख-सुविधा प्रदान करने वाले शुक्र ग्रह से भी जोड़ा जाता है। इसलिए चूड़ियां पहनते समय कुछ परंपराओं और नियमों का पालन करना आवश्यक माना गया है। कई बार महिलाएं अनजाने में ऐसी छोटी-छोटी गलतियां कर देती हैं, जिनका असर घर की सुख-शांति और आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि चूड़ियों से जुड़ी किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

टूटी या चटकी हुई चूड़ियां पहनने से बचें
कई बार ऐसा होता है कि महिलाएं हल्की सी चटकी या क्रैक आई हुई चूड़ियों को भी पहनती रहती हैं। वे सोचती हैं कि अभी तो चूड़ी ठीक दिख रही है, बाद में बदल लेंगे। लेकिन शास्त्रों के अनुसार ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार टूटी या चटकी हुई चूड़ियां पहनना घर में दरिद्रता और नकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करने के समान माना गया है। इससे घर की बरकत पर असर पड़ सकता है और पारिवारिक जीवन में भी परेशानियां बढ़ सकती हैं। कुछ मान्यताओं में यह भी कहा गया है कि इससे पति की सेहत पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

इसलिए यदि चूड़ी जरा भी चटक जाए तो उसे तुरंत उतार देना चाहिए। साथ ही इसे कचरे के डिब्बे में फेंकने के बजाय सम्मानपूर्वक किसी पेड़ के नीचे या किसी साफ स्थान पर रख देना बेहतर माना जाता है। चूड़ियों को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है, इसलिए उनका अपमान नहीं करना चाहिए।

बिस्तर पर बैठकर न बदलें चूड़ियां
वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चूड़ियां बदलने का तरीका भी महत्वपूर्ण माना जाता है। कई महिलाएं आराम से बिस्तर पर बैठे-बैठे या अंधेरे में ही चूड़ियां बदल लेती हैं, लेकिन यह आदत सही नहीं मानी जाती।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बिस्तर पर बैठकर या अंधेरे में चूड़ियां बदलने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है। इससे पति-पत्नी के रिश्तों में तनाव आने की संभावना भी मानी जाती है। इसलिए हमेशा चूड़ियां बदलते समय साफ-सुथरी और रोशनी वाली जगह का चयन करना चाहिए। खड़े होकर या व्यवस्थित तरीके से बैठकर चूड़ियां बदलना शुभ माना जाता है।

गिफ्ट में मिली चूड़ियों का करें सम्मान
जब कोई व्यक्ति प्रेम और स्नेह से चूड़ियां उपहार में देता है, तो वह केवल एक आभूषण नहीं होता, बल्कि उसके साथ शुभकामनाएं और आशीर्वाद भी जुड़े होते हैं। इसलिए गिफ्ट में मिली चूड़ियों का सम्मान करना चाहिए।

उन्हें तुरंत किसी और को दे देना या फेंक देना उचित नहीं माना जाता। बेहतर होता है कि कम से कम एक बार उन्हें स्वयं पहनें। ऐसा करना सामने वाले के स्नेह का सम्मान करना भी माना जाता है।

इसके साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि अपनी पुरानी, टूटी या गंदी हो चुकी चूड़ियों को किसी को दान नहीं करना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार दान हमेशा नई और अच्छी वस्तुओं का करना शुभ माना जाता है। पुरानी चीजों का दान करने से पुण्य की प्राप्ति नहीं होती और कई मान्यताओं में इसे मां लक्ष्मी के अप्रसन्न होने का कारण भी माना गया है।

चूड़ियों का सम्मान बनाए रखें
धार्मिक परंपराओं में चूड़ियां केवल श्रृंगार का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि वे घर की खुशहाली और सौभाग्य से भी जुड़ी होती हैं। इसलिए चूड़ियों का आदर करना और उनसे जुड़े नियमों का पालन करना जरूरी माना गया है। यदि इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए, तो यह न केवल वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनाए रखने में सहायक होता है, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि को भी बनाए रखने में मदद करता है।

TAGGED:चूड़ियां और सौभाग्यचूड़ियां पहनने के नियमचूड़ियों का महत्वज्योतिष टिप्सधार्मिक मान्यताएंमहिला श्रृंगारवास्तु टिप्ससुहाग की निशानीसोलह श्रृंगारहिंदू परंपरा
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