Thursday, 19 Mar 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > व्रत और त्योहार > चैत्र नवरात्रि में ये भूलें पड़ सकती हैं भारी, व्रत का फल रह जाएगा अधूरा
व्रत और त्योहार

चैत्र नवरात्रि में ये भूलें पड़ सकती हैं भारी, व्रत का फल रह जाएगा अधूरा

दिव्यसुधा
Last updated: March 18, 2026 3:16 pm
दिव्यसुधा
Share
चैत्र नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना, भक्ति और आत्मशुद्धि का विशेष समय होता है।
नवरात्रि के दौरान इन नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है, तभी मिलेगा मां दुर्गा की पूजा का पूर्ण फल।
SHARE

चैत्र नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना, भक्ति और आत्मशुद्धि का विशेष समय होता है। इन नौ दिनों में किए गए व्रत, पूजा और साधना का बहुत महत्व माना जाता है। लेकिन अगर इन दिनों कुछ गलतियां हो जाएं, तो व्रत का पूरा फल नहीं मिल पाता। इसलिए कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

 क्रोध और विवाद से बचें

नवरात्रि में मन को शांत और सकारात्मक रखना सबसे जरूरी होता है। क्रोध करने या किसी से विवाद करने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और पूजा का प्रभाव कम हो जाता है। इसलिए इन दिनों धैर्य और प्रेम का व्यवहार अपनाएं।

 बाल और दाढ़ी कटवाने से बचें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के दौरान बाल या दाढ़ी कटवाना शुभ नहीं माना जाता। यह समय साधना और संयम का होता है, इसलिए शरीर में किसी भी प्रकार का परिवर्तन करने से बचना चाहिए।

 नाखून काटने से बचें

नवरात्रि में नाखून काटना भी वर्जित माना गया है। यह भी शरीर से जुड़ा परिवर्तन है, जिसे इन पवित्र दिनों में टालना ही बेहतर होता है।

 नशे का सेवन न करें

शराब, तंबाकू या किसी भी प्रकार का नशा नवरात्रि में पूरी तरह निषिद्ध होता है। यह समय मन और शरीर की शुद्धि का होता है, इसलिए सात्विक जीवनशैली अपनाना जरूरी है।

 पाठ के समय ध्यान बनाए रखें

जब भी आप पूजा या पाठ करें, तो मन को पूरी तरह एकाग्र रखें। ध्यान भटकने से पूजा का पूरा फल नहीं मिलता। सच्ची भक्ति और समर्पण ही मां दुर्गा को प्रसन्न करते हैं।

 घर को खाली न छोड़ें

अगर आपने घर में कलश स्थापना की है, तो घर को खाली छोड़ना शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि इन दिनों मां का वास घर में होता है, इसलिए किसी न किसी सदस्य का घर में रहना आवश्यक है।

 तामसिक भोजन से दूर रहें

नवरात्रि के दौरान प्याज, लहसुन, मांसाहार और अन्य तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके बजाय फल, दूध और सात्विक भोजन ग्रहण करें, जिससे मन और शरीर दोनों शुद्ध रहते हैं। नवरात्रि केवल व्रत रखने का ही नहीं, बल्कि अपने भीतर की नकारात्मकता को दूर करने का भी समय है। अगर आप इन नियमों का पालन करते हुए सच्चे मन से मां दुर्गा की भक्ति करते हैं, तो निश्चित ही आपको व्रत का पूर्ण फल मिलेगा और जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आएगी।

TAGGED:Chaitra Navratri tipsDivyaSudhaDurga puja vrat guidelinesHindu fasting ruleshumare bhgwanNavratri mistakes to avoidNavratri vrat rulesvart tyoharआध्यात्मिकताघर की सजावटचैत्र नवरात्रितामसिक भोजन से बचावनवरात्रि के नियमनवरात्रि पूजा टिप्सनवरात्रि पूजा सावधानियांनवरात्रि में क्या न करेंनवरात्रि व्रत के फायदेपूजा-अर्चनामाँ दुर्गामां दुर्गा पूजा विधिव्रत में क्या खाएं क्या न खाएंसकारात्मक ऊर्जासनातन धर्मस्वच्छता
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article चैत्र नवरात्रि 2026 में वास्तु नियमों के अनुसार मां दुर्गा की पूजा और कलश स्थापना चैत्र नवरात्रि 2026: वास्तु नियमों के साथ करें पूजा, मिलेगी मां दुर्गा की विशेष कृपा
Next Article फ्रिज के ऊपर रखी चीजों से होने वाले वास्तु दोष का संकेत फ्रिज के ऊपर रखी ये 3 चीजें बन सकती हैं वास्तु दोष की वजह
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

होलाष्टक के दौरान भगवान विष्णु और होलिका दहन पूजन का धार्मिक दृश्य
व्रत और त्योहार

होलाष्टक 2026: जानिए क्या करें और क्या न करें इन आठ पवित्र दिनों में

By Ekta Mishra
नर्मदेश्वर महादेव मंदिर, ओयल लखीमपुर खीरी – भगवान शिव मेंढक की पीठ पर विराजमान, खड़ी मुद्रा में नंदी महाराज
मंदिर

देश का अनोखा मंदिर: भगवान शिव मेंढक की पीठ पर विराजमान, खड़ी मुद्रा में नंदी महाराज

By दिव्यसुधा
प्रदोष व्रत 2026 में भगवान शिव की पूजा और अभिषेक
व्रत और त्योहार

प्रदोष व्रत 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त और भगवान शिव की पूजा विधि

By दिव्यसुधा
वास्तु शास्त्र के अनुसार कपड़े धोने के शुभ और अशुभ नियम
अन्य

कपड़े धोने के नियम: वास्तु और ज्योतिष के अनुसार क्या करें, क्या न करें

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?