हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का पर्व अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है। इस दौरान भक्त पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्र की शुरुआत होती है। वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्र 19 मार्च से प्रारंभ होकर 27 मार्च को राम नवमी के दिन समाप्त होंगे। इन नौ दिनों में भक्त देवी के विभिन्न रूपों की उपासना कर सुख, समृद्धि और शांति की कामना करते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार नवरात्र से पहले घर की सफाई करना और वातावरण को पवित्र बनाना बहुत जरूरी माना जाता है। जब दुर्गा का आगमन होता है, तो घर का वातावरण शुद्ध और सकारात्मक होना चाहिए। इसलिए वास्तु शास्त्र के अनुसार नवरात्र शुरू होने से पहले घर से कुछ चीजों को हटा देना शुभ माना जाता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सकारात्मकता का संचार होता है।
टूटी-फूटी मूर्तियां और धार्मिक वस्तुएं
अगर घर के मंदिर में देवी-देवताओं की टूटी हुई मूर्तियां या फटी हुई तस्वीरें रखी हैं, तो उन्हें तुरंत हटा देना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसी वस्तुओं को मंदिर में रखना शुभ नहीं माना जाता। इन्हें किसी पवित्र नदी में प्रवाहित करना या मंदिर में दान करना उचित माना जाता है। इससे घर के मंदिर की पवित्रता बनी रहती है।
बंद या खराब घड़ियां
घर में बंद पड़ी घड़ी को वास्तु के अनुसार अच्छा नहीं माना जाता। यह जीवन में रुकावट और ठहराव का प्रतीक मानी जाती है। इसलिए नवरात्र से पहले घर में लगी खराब या बंद घड़ियों को ठीक करवा लेना चाहिए या उन्हें हटा देना चाहिए। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है।
टूटे बर्तन और खराब सामान
रसोई में टूटे बर्तन, दरार वाले कप या बेकार हो चुका सामान रखना भी अशुभ माना जाता है। ऐसे सामान घर में नकारात्मकता को बढ़ाते हैं। नवरात्र से पहले रसोई की अच्छी तरह सफाई कर लेनी चाहिए और टूटे या खराब बर्तनों को बाहर कर देना चाहिए।
बेकार और कबाड़ का सामान
घर में लंबे समय से जमा कबाड़ या अनुपयोगी सामान भी नकारात्मक ऊर्जा का कारण बन सकता है। नवरात्र से पहले घर को व्यवस्थित करना और अनावश्यक चीजों को हटाना शुभ माना जाता है। इससे घर का वातावरण हल्का और सकारात्मक बनता है।
सूखे या मुरझाए पौधे
अगर घर में सूखे या मुरझाए पौधे लगे हैं, तो उन्हें भी हटा देना चाहिए। वास्तु शास्त्र में सूखे पौधों को नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। उनकी जगह नए और हरे-भरे पौधे लगाना शुभ माना जाता है, जिससे घर में ताजगी और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
नवरात्र के पावन दिनों में घर का वातावरण जितना स्वच्छ और सकारात्मक होगा, उतना ही मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होने की संभावना बढ़ती है। इसलिए नवरात्र शुरू होने से पहले घर की साफ-सफाई और व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना चाहिए।