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दिव्य सुधा > अन्य > लखनऊ में भक्ति संवाद: धर्म और आध्यात्म के संतुलन पर जोर
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लखनऊ में भक्ति संवाद: धर्म और आध्यात्म के संतुलन पर जोर

धर्म का मार्ग, अध्यात्म का सार – संतुलन से ही जीवन बने सार्थक

दिव्यसुधा
Last updated: September 14, 2025 4:22 pm
दिव्यसुधा
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लखनऊ में अदीरा स्पिरिचुअल क्लब का भक्ति संवाद कार्यक्रम, धर्म और आध्यात्म के संतुलन पर जोर
अदीरा स्पिरिचुअल क्लब द्वारा आयोजित भक्ति संवाद में गुरु सोहनी पांडेय
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लखनऊ। अदीरा स्पिरिचुअल क्लब द्वारा शनिवार को अवध विहार योजना स्थित भागीरथी एन्क्लेव में भक्ति संवाद कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म, आध्यात्मिक चिंतन और साधना के महत्व को जन-जन तक पहुँचाना था। इस अवसर पर कई विशिष्ट अतिथियों और सोसाइटी निवासियों की उपस्थिति ने आयोजन को और भी खास बना दिया।

संकल्प ही सफलता का आधार
क्लब की संस्थापिका और सीईओ रितिका चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी कार्य को करने के लिए दृढ़ संकल्प बेहद ज़रूरी है। यदि हम संकल्पित हैं तो उसके विकल्प नहीं खोजने चाहिए, बल्कि निर्धारित समय पर कार्य को पूरा करना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि जब कोई व्यक्ति अपनी आध्यात्मिक यात्रा शुरू करता है तो उसे भीतर से एक अनोखी ऊर्जा का अनुभव होता है, जो जीवन की दिशा बदलने की ताक़त रखती है।

मन की शांति और संतुलन पर जोर
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि और प्रसिद्ध वास्तु विशेषज्ञ, गैंडमास्टर रेकी हीलर सोहानी पांडेय ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि स्वस्थ और संतुलित जीवन के लिए मन की शांति सबसे आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सकारात्मक सोच और आत्म-चिंतन व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाते हैं। उन्होंने ने योग और प्राणायाम के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उनके अनुसार नियमित अभ्यास से शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। उन्होंने कहा कि विचारों को सकारात्मक दिशा में मोड़ने का प्रयास करना चाहिए, क्योंकि यही मन की शांति और जीवन की स्थिरता का आधार है।

धर्म और आध्यात्म का संतुलन
अपने संबोधन में सोहानी पांडेय ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि जीवन में धर्म और आध्यात्म दोनों का संतुलन होना बेहद आवश्यक है। धर्म हमें सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारियों का बोध कराता है, जबकि आध्यात्म हमें आत्मा की गहराई को समझने और परमात्मा से जुड़ने का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि जब धर्म और आध्यात्म का संतुलन जीवन में स्थापित होता है तो व्यक्ति को न केवल संतुष्टि बल्कि गहरी शांति भी प्राप्त होती है।

आयोजन ने जगाई आध्यात्मिक चेतना
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने गुरुजनों से जीवन के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन लिया और आध्यात्मिक यात्रा की महत्ता को समझा। संवाद का यह मंच लोगों को भक्ति, साधना और आत्म-चिंतन की ओर प्रेरित करने में सफल रहा। सोसाइटी के निवासियों ने इस आयोजन को न केवल ज्ञानवर्धक बल्कि जीवनोपयोगी भी बताया। उनका कहना था कि ऐसे कार्यक्रमों से समाज में सकारात्मक सोच और एकजुटता का वातावरण बनता है।

प्रमुख अतिथियों की मौजूदगी
भक्ति संवाद कार्यक्रम में भागीरथी एन्क्लेव की अध्यक्ष डॉ. पूजा सिंह, समाजसेविका कंचन शुक्ला, पुष्पा शर्मा और जीडी गोयनका की शिक्षिका एकता सिंह समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने अपने विचारों से इस आयोजन की गरिमा को बढ़ाया।

संतुलन से ही पूर्ण जीवन
अदीरा स्पिरिचुअल क्लब के इस आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि आधुनिक जीवन की व्यस्तता और चुनौतियों के बीच धर्म और आध्यात्म का संतुलन बेहद जरूरी है। धर्म हमें समाज और परिवार के प्रति कर्तव्य का बोध कराता है, जबकि आध्यात्म हमें भीतर की शांति और आत्मिक ऊर्जा से जोड़ता है। लखनऊ में आयोजित इस भक्ति संवाद ने लोगों को यह संदेश दिया कि यदि हम संकल्प, सकारात्मक सोच और आत्मचिंतन को जीवन का हिस्सा बना लें तो जीवन अधिक संतुलित और सुखमय बन सकता है।

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