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दिव्य सुधा > अन्य > बाबा बागेश्वर ने शुरू की 10 दिन की सनातन एकता पदयात्रा, एक भारत-एक सनातन का संदेश
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बाबा बागेश्वर ने शुरू की 10 दिन की सनातन एकता पदयात्रा, एक भारत-एक सनातन का संदेश

दिव्यसुधा
Last updated: November 11, 2025 5:55 pm
दिव्यसुधा
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बाबा बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन एकता पदयात्रा 2025 – दिल्ली से वृंदावन तक का आध्यात्मिक सफर
बाबा बागेश्वर की 10 दिन की सनातन एकता पदयात्रा — एक भारत, एक सनातन का संदेश लेकर दिल्ली से वृंदावन तक
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बागेश्वर धाम के पीठाधीश्‍वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस बार एक अनोखी पहल की है – “सनातन एकता पदयात्रा”, जो 7 नवंबर से शुरू हो 16 नवंबर तक चलेगी। इस यात्रा का उद्देश्य है समाज में जाति-पांति के भेद मिटाकर सभी सनातनियों में एकता और समरसता का संदेश फैलाना। यह पदयात्रा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगी और इसका समापन वृंदावन के श्री बांके बिहारी जी के दर्शन के साथ होगा।

सनातन एकता पदयात्रा का उद्देश्य
पं. धीरेंद्र शास्त्री का कहना है कि यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक जागरण की भी यात्रा है। सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, यह हमारी जीवनशैली और संस्कृति है।
इस यात्रा के मुख्य उद्देश्य हैं –

  • समाज में समरसता और समानता स्थापित करना।
  • भारत को गौरवशाली हिंदू राष्ट्र के रूप में संगठित देखना।
  • मां यमुना को स्वच्छ और निर्मल बनाना।
  • ब्रजधाम क्षेत्र को मांस और मदिरा से पूर्णत: मुक्त कराना।
  • गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाना और गौ-अभयारण्य की स्थापना।
  • प्राचीन वृंदावन का पुनरुद्धार और मंदिरों की सुरक्षा।
  • श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर दिव्य और भव्य मंदिर का निर्माण।

कब और कहां से शुरू हुई यात्रा?
यात्रा का शुभारंभ 7 नवंबर 2025 को दिल्ली के प्रसिद्ध छतरपुर मंदिर से हुआ। यह यात्रा रोज़ाना अलग-अलग पड़ावों से गुजरती हुई हरियाणा और फिर उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र तक जाएगी। यात्रा का प्रत्येक दिन एक नए पड़ाव पर समाप्त होता है, जहां संत-महात्मा, श्रद्धालु और स्थानीय लोग मिलकर सांझ की भक्ति सभा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं।

10 दिनों का रूट मैप: दिल्ली से वृंदावन तक का सफर

  • सनातन एकता पदयात्रा के दौरान यात्री फरीदाबाद, पलवल, होडल, कोसीकलां और मथुरा जैसे शहरों से गुजरेंगे।
  • पहले दिन रात्रि विश्राम जीरखोद मंदिर में किया गया।
  • दूसरे दिन यात्रा फरीदाबाद दशहरा मैदान में रुकी।
  • आगे सीकरी, पलवल, मीतरोल और होडल मंडी जैसे प्रमुख पड़ावों से होती हुई यात्रा कोसी मंडी पहुंची।
  • 14 व 15 नवंबर को यात्रियों का विश्राम गुप्ता रेजीडेंसी और राधा गोविंद मंदिर में होगा।
  • 16 नवंबर को यात्रा अपने अंतिम चरण में प्रवेश करेगी – चार धाम छटीकरा में भोजन-आशीर्वचन के बाद वृंदावन के श्री बांके बिहारी जी मंदिर में समापन होगा।

पदयात्रा में कैसे शामिल हो सकते हैं?
जो श्रद्धालु इस पदयात्रा में शामिल होना चाहते हैं, उनके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है। बागेश्वर धाम के आधिकारिक सोशल मीडिया पेजों पर इससे जुड़ी अपडेट और लिंक लगातार साझा की जा रही हैं। इसके अलावा यात्रा से संबंधित जानकारी के लिए इन फोन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है – 9006111008, 9006881008, 7671008108

एकता, आस्था और संस्कृति का संगम
यह पदयात्रा एक धार्मिक आयोजन होने के साथ एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण है। इसमें हजारों श्रद्धालु न केवल भगवान बालाजी और श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए चल रहे हैं, बल्कि एक ऐसे भारत के लिए भी, जहाँ सनातन धर्म एकजुट और संगठित होकर खड़ा हो। पं. धीरेंद्र शास्त्री का विश्वास है कि यह 10 दिन की यात्रा समाज के दिलों में एकता, भक्ति और गर्व की नई भावना जगाएगी।

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