9 सितंबर 2025 (मंगलवार), का दिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बेहद खास रहने वाला है। इस दिन आश्विन…
7 सितंबर 2025 को साल का सबसे बड़ा चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है, जो बेहद खास होने…
सनातन धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है। पितृ पक्ष श्रद्धा, तर्पण और पूर्वजों के आशीर्वाद का…
आत्मश्राद्ध – सांसारिक जीवन से मुक्ति और आत्मा की शांति का मार्ग
कल्कि द्वादशी हमें याद दिलाती है—धर्म की सदैव विजय होती है
सात्त्विक भोजन से मिलती है मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति
डबल ग्रहण और पितृपक्ष – गर्भवती महिलाओं के लिए सतर्कता जरूरी
भाद्रपद शुक्ला एकादशी पर मनाया जाने वाला करमा पर्व प्रकृति, भाई–बहन और सामूहिकता का प्रतीक है
नमो नमो दुर्गे सुख करनी, नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी
सुंदरकांड की चौपाई "पुनि संभारि उठि सो लंका…" का जाप करने से संकट दूर होते हैं।
15 सितंबर सुबह 06:15 बजे अष्टमी समाप्त होगी और उसी दिन व्रत का पारण किया जाएगा।
सूर्य की कृपा से चमकता जीवन: उत्तराषाढ़ नक्षत्र वालों में गजब का नेतृत्व और सफलता
अनंत सूत्र बांधने से जीवन के संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि मिलती है।
पितृ पक्ष 2025: पूर्वजों की कृपा पाने के लिए लगाएं पीपल, बरगद और तुलसी के पौधे
परिवर्तिनी एकादशी 2025 का व्रत 3 सितंबर को रखा जाएगा।
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