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दिव्य सुधा > व्रत और त्योहार > 2026 में 8 बड़े मंगल का दुर्लभ संयोग: जानें महत्व, तिथियां और पूजा विधि
व्रत और त्योहार

2026 में 8 बड़े मंगल का दुर्लभ संयोग: जानें महत्व, तिथियां और पूजा विधि

दिव्यसुधा
Last updated: May 4, 2026 12:29 pm
दिव्यसुधा
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2026 में 8 बड़े मंगल का दुर्लभ संयोग और हनुमान जी की पूजा
2026 में 8 बड़े मंगल: हनुमान भक्ति का अद्भुत अवसर
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ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले मंगलवार को “बड़ा मंगल” या “बुढ़वा मंगल” कहा जाता है, जो हनुमान जी की विशेष उपासना के लिए समर्पित होता है। वर्ष 2026 में यह पर्व और भी विशेष बन गया है, क्योंकि इस बार मई-जून में कुल 8 बड़े मंगल का दुर्लभ संयोग बन रहा है। यह संयोग भक्तों के लिए अत्यंत पुण्यदायी और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के मंगलवार को ही भगवान राम और हनुमान जी की पहली भेंट हुई थी। इसी कारण इस दिन हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व है। भक्त इस दिन व्रत रखते हैं, मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं, सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं तथा भंडारे और प्रसाद वितरण के माध्यम से सेवा कार्य करते हैं।

बुढ़वा मंगल 2026 का विशेष महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष ज्येष्ठ मास का महत्व इसलिए बढ़ गया है क्योंकि इसमें अधिकमास का संयोग बन रहा है। अधिकमास, जिसे मलमास भी कहा जाता है, लगभग 19 साल बाद इस प्रकार का दुर्लभ योग बनाता है। इस वजह से इस बार सामान्य 4 या 5 बड़े मंगल के स्थान पर 8 बड़े मंगल मनाए जाएंगे।

ज्येष्ठ मास 2 मई से शुरू होकर 29 जून तक रहेगा, जिसमें 17 मई से 15 जून तक अधिकमास रहेगा। इस विस्तारित अवधि के कारण मंगलवार की संख्या बढ़कर 8 हो गई है। यह संयोग इससे पहले वर्ष 2007 में बना था। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस अवधि में किए गए जप, तप, दान और पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है।

2026 के 8 बड़े मंगल की तिथियां

पहला बड़ा मंगल – 5 मई 2026
दूसरा बड़ा मंगल – 12 मई 2026
तीसरा बड़ा मंगल – 19 मई 2026
चौथा बड़ा मंगल – 26 मई 2026
पाँचवाँ बड़ा मंगल – 2 जून 2026
छठा बड़ा मंगल – 9 जून 2026
सातवां बड़ा मंगल – 16 जून 2026
आठवां बड़ा मंगल – 23 जून 2026
इन सभी तिथियों पर श्रद्धालु विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।

बड़े मंगल पर क्या करें?
बड़े मंगल के दिन भक्त प्रातः स्नान करके व्रत का संकल्प लेते हैं और मंदिर जाकर हनुमान जी के दर्शन करते हैं। इस दिन लाल फूल, सिंदूर, चोला, गुड़-चना और बूंदी के लड्डू अर्पित करना शुभ माना जाता है। साथ ही सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ करने से मानसिक शांति और आत्मबल प्राप्त होता है।

दान-पुण्य का भी इस दिन विशेष महत्व होता है। जगह-जगह भंडारे आयोजित किए जाते हैं, जिसमें गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन कराया जाता है। शर्बत, फल और जल वितरण करना भी पुण्यदायी माना जाता है।

धार्मिक और आध्यात्मिक लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बड़े मंगल का व्रत रखने और विधिपूर्वक पूजा करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं। यह दिन विशेष रूप से कर्ज, भय, शत्रु बाधा और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति दिलाने वाला माना गया है। हनुमान जी की कृपा से साहस, शक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

अधिकमास और ज्येष्ठ मास का यह संगम साधना और आत्मचिंतन के लिए भी उत्तम समय माना जाता है। इस दौरान किए गए अच्छे कर्मों का फल कई गुना बढ़ जाता है, जिससे व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।

वर्ष 2026 में 8 बड़े मंगल का यह दुर्लभ संयोग श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष अवसर लेकर आया है। यह समय केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि सेवा, दान और आत्मशुद्धि का भी है। यदि श्रद्धा और नियम के साथ हनुमान जी की आराधना की जाए, तो जीवन की बाधाएं दूर होकर सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

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