चैत्र पूर्णिमा के पावन अवसर पर रामजन्मभूमि परिसर में स्थित हनुमान मंदिर में एक विशेष धार्मिक आयोजन संपन्न किया गया। इस दिन हनुमान जयंती भी होने के कारण पूरे परिसर में श्रद्धा, उत्साह और भक्ति का दिव्य वातावरण देखने को मिला।
परकोटे की दक्षिणी भुजा के मध्य निर्मित इस हनुमान मंदिर में धर्म ध्वजा का विधिवत आरोहण किया गया। प्रातः काल भगवान श्रीराम के परम भक्त बजरंग बली की पूजा-अर्चना पूरे विधि-विधान के साथ की गई, जिसमें मंत्रोच्चार और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
सुबह 11 बजे से आयोजित कार्यक्रम में मंदिर आंदोलन के प्रमुख सूत्रधार रहे पूर्व सांसद विनय कटियार ने मुख्य अतिथि के रूप में धर्म ध्वजा फहराई। यह उनका रामजन्मभूमि परिसर में किसी आयोजन में पहला आगमन रहा, जिसे लेकर विशेष उत्साह भी देखा गया।
इस अवसर पर जयभान सिंह पवैया विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ ही रामनगरी के कई साधु-संतों और लगभग डेढ़ सौ विशिष्ट लोगों ने इस पावन आयोजन में भाग लिया।
ध्वजारोहण के पश्चात हनुमान मंदिर को पूरे दिन के लिए खोला गया, जिससे आमंत्रित अतिथियों, ट्रस्ट के सदस्यों, कार्यदायी एजेंसियों के कर्मियों और सुरक्षा बलों को दर्शन का अवसर प्राप्त हुआ। हालांकि, सामान्य श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
गौरतलब है कि इस हनुमान मंदिर में बजरंग बली की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा पिछले वर्ष 5 जून को योगी आदित्यनाथ द्वारा संपन्न की गई थी। उसी दौरान परकोटे के अन्य पूरक मंदिरों और राम मंदिर के प्रथम तल पर राम परिवार की भी स्थापना की गई थी।
तब से इन मंदिरों में नियमित पूजा-अर्चना की जा रही है, हालांकि आम दर्शन व्यवस्था अभी प्रारंभ नहीं हुई है। राम मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव के अनुसार, इस विशेष अवसर पर मंदिर को पूरे दिन खुला रखा गया, जिससे आयोजन का महत्व और भी बढ़ गया।
यह भव्य आयोजन श्रद्धा, आस्था और परंपरा का प्रतीक बनकर उभरा, जिसने रामनगरी के आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक ऊर्जावान बना दिया।