मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित जानराय टोरिया मंदिर इन दिनों श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। 2 अप्रैल को हनुमान जयंती के पावन अवसर पर यहां हनुमान जी की 51 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। यह प्रतिमा लगभग 171 क्विंटल अष्टधातु से निर्मित है और इसे तैयार करने में करीब तीन साल का समय लगा है। इसे देश की पहली इतनी विशाल अष्टधातु हनुमान प्रतिमा माना जा रहा है।
सात साल के संकल्प से साकार हुआ दिव्य निर्माण
इस भव्य प्रतिमा के निर्माण का संकल्प मंदिर के महंत भगवान दास सिंगारी ने लगभग सात वर्ष पहले लिया था। मंदिर में आने वाले चढ़ावे और आसपास की दुकानों से प्राप्त आय के माध्यम से इस विशाल परियोजना को पूरा किया गया। ऊंचाई पर स्थापित यह प्रतिमा दूर से ही श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है और मंदिर की भव्यता को और भी बढ़ाती है।
संतों ने भी सराहा यह भव्य प्रयास
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी इस प्रतिमा की प्रशंसा करते हुए इसे छतरपुर के लिए गर्व का विषय बताया है। अनावरण समारोह में देशभर के कई संतों और श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है, जिससे यह आयोजन विशेष और ऐतिहासिक बनने जा रहा है।
हनुमान जयंती का धार्मिक महत्व
हनुमान जयंती चैत्र शुक्ल पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है और यह भगवान राम के परम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव के रूप में जानी जाती है। इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा, सुंदरकांड पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है। भक्तजन पूरे श्रद्धा भाव से हनुमान जी की आराधना करते हैं।
भोग और पूजा का विशेष महत्व
हनुमान जयंती के दिन भक्तजन हनुमान जी को रोट, चूरमा, बूंदी के लड्डू, इमरती, जलेबी और केसर भात का भोग अर्पित करते हैं। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों को बल, बुद्धि और साहस का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
इस वर्ष छतरपुर का जानराय टोरिया मंदिर हनुमान जयंती के अवसर पर भक्ति, आस्था और भव्यता का अनूठा संगम प्रस्तुत करने जा रहा है। यह दिव्य प्रतिमा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि आने वाले समय में एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र के रूप में भी स्थापित होगी।