Wednesday, 18 Mar 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > व्रत और त्योहार > दर्श अमावस्या 2026: महत्व, तिथि, पूजा विधि और दान का विशेष फल
व्रत और त्योहार

दर्श अमावस्या 2026: महत्व, तिथि, पूजा विधि और दान का विशेष फल

Ekta Mishra
Last updated: March 17, 2026 5:21 pm
Ekta Mishra
Share
दर्श अमावस्या 2026 पूजा, तिथि और पितृ तर्पण का महत्व
दर्श अमावस्या 2026: पितरों को प्रसन्न करने का पावन दिन
SHARE

सनातन धर्म में दर्श अमावस्या का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। जब अमावस्या तिथि पर चंद्रमा पूरी तरह अदृश्य हो जाते हैं, तब उसे दर्श अमावस्या कहा जाता है। यह दिन आत्मचिंतन, साधना और मन की शुद्धि के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। वर्ष 2026 में दर्श अमावस्या 18 मार्च को पड़ रही है। अमावस्या तिथि का प्रारंभ 18 मार्च की सुबह 8 बजकर 25 मिनट से होगा और इसका समापन 19 मार्च की सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर होगा। इस पावन अवसर पर पितरों का तर्पण और श्राद्ध करना अत्यंत शुभ माना जाता है, जिससे उनके आशीर्वाद से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

दर्श अमावस्या का महत्व
दर्श अमावस्या के दिन व्रत, जप-तप और दान का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए धार्मिक कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है। इस दिन चंद्र देव की पूजा करने से मानसिक शांति और स्थिरता प्राप्त होती है। श्रद्धालु चंद्र देव को सफेद फूल, चावल, दूध, चीनी और जल अर्पित करते हैं और उनके मंत्रों का जाप करते हैं। इसके साथ ही भगवान शिव या भगवान विष्णु की पूजा करने से भी विशेष फल की प्राप्ति होती है। यह दिन आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाने और नकारात्मकता को दूर करने का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है।

दर्श अमावस्या पूजा विधि
इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद व्रत का संकल्प लेकर भगवान शिव या विष्णु जी की विधिपूर्वक पूजा करें। चंद्र देव को अर्घ्य दें और उन्हें चावल, पुष्प और दूध अर्पित करें। अमावस्या की कथा सुनना भी इस दिन अत्यंत लाभकारी माना जाता है। दिनभर फलाहार रहकर संयम और श्रद्धा के साथ व्रत का पालन करना चाहिए।

दर्श अमावस्या पर दान का महत्व
दान-पुण्य के दृष्टिकोण से भी यह दिन बहुत महत्वपूर्ण है। दर्श अमावस्या पर तिलदान, वस्त्रदान और अन्नदान करना विशेष पुण्यदायी माना जाता है। जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना, गौ-सेवा करना और दीपदान करना भी इस दिन अत्यंत शुभ फल देने वाला होता है। साथ ही यह दिन कालसर्प दोष, पितृ दोष और त्रिपिंडी श्राद्ध जैसे विशेष अनुष्ठानों के लिए भी उपयुक्त माना जाता है।

कुल मिलाकर दर्श अमावस्या केवल एक तिथि नहीं, बल्कि आत्मिक शांति, पितरों के आशीर्वाद और आध्यात्मिक उन्नति का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस दिन श्रद्धा और नियम के साथ की गई पूजा, व्रत और दान से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-शांति और समृद्धि का संचार होता है।

TAGGED:amavasya significanceअमावस्या 2026आध्यात्मिकताज्योतिषदर्श अमावस्यादान पुण्यपितृ तर्पणपूजा विधिश्राद्धहिंदू धर्म
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article शनि नक्षत्र परिवर्तन 2026 के प्रभाव को दर्शाता ज्योतिषीय चित्र शनि नक्षत्र परिवर्तन 2026: इन राशियों के लिए राहत और तरक्की के संकेत
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

16 मार्च 2026 महालक्ष्मी राजयोग से वृषभ, कर्क और वृश्चिक राशि को धन लाभ के संकेत
ग्रह-नक्षत्र

16 मार्च को बनेगा महालक्ष्मी राजयोग, इन राशियों के लिए खुल सकते हैं समृद्धि के द्वार

By Ekta Mishra
व्रत और त्योहार

शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का असर होगा खत्म: मई में इस दिन करें ये उपाय

By दिव्यसुधा
featuredव्रत और त्योहार

22 सितंबर से शुरू होगी शारदीय नवरात्रि 2025, 2 अक्तूबर को विजयादशमी के साथ होगा समापन

By दिव्यसुधा
mahagauri
व्रत और त्योहार

नवरात्रि विशेष… माँ दुर्गा के आठवें रूप मां महागौरी की कथा पढ़ने से सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?