सामुद्रिक शास्त्र में मानव शरीर की बनावट, विशेषकर उंगलियों और नाखूनों के माध्यम से व्यक्ति के स्वभाव, भाग्य, करियर और जीवन के कई गूढ़ रहस्यों का वर्णन मिलता है। शास्त्रों के अनुसार नाखून केवल सौंदर्य का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि वे व्यक्ति के वर्तमान जीवन के साथ-साथ पूर्व जन्म के संकेत भी देते हैं। नाखूनों की लंबाई, चमक, बनावट और उन पर बने दाग व्यक्ति के भाग्य को दर्शाते हैं।
उंगलियों की बनावट और व्यक्तित्व
सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार जिन लोगों की उंगलियां गठीली और चिकनी होती हैं, वे बुद्धिमान, समझदार और सामाजिक कार्यों में आगे रहने वाले होते हैं। वहीं बहुत अधिक चिकनी उंगलियों वाले लोग जल्दबाजी में निर्णय लेते हैं और कई बार कार्य अधूरे छोड़ देते हैं। ऐसे लोगों में आत्मविश्वास की कमी भी देखी जाती है।
उंगलियां और ग्रहों का संबंध
हर उंगली का संबंध एक विशेष ग्रह से माना गया है। तर्जनी उंगली बृहस्पति ग्रह से जुड़ी होती है, मध्यमा का संबंध शनि से, अनामिका का सूर्य से और कनिष्ठा उंगली का संबंध बुध ग्रह से होता है। इन ग्रहों की स्थिति का प्रभाव व्यक्ति के स्वभाव और जीवन दिशा पर पड़ता है।
उंगलियों की लंबाई से जीवन के संकेत
लंबी तर्जनी उंगली वाले व्यक्ति नेतृत्व क्षमता और उच्च पद की इच्छा रखते हैं। मध्यमा उंगली लंबी हो तो व्यक्ति एकांतप्रिय और रहस्यमयी विषयों में रुचि रखने वाला होता है। अनामिका उंगली लंबी होने पर व्यक्ति को यश, प्रतिष्ठा और कला के क्षेत्र में सफलता मिलती है। वहीं कनिष्ठा उंगली लंबी हो तो व्यक्ति चतुर, तेज बुद्धि वाला और वाणी में निपुण होता है।
नाखूनों पर दाग और उनके अर्थ
सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार नाखूनों पर बने सफेद और काले दाग विशेष संकेत देते हैं। तर्जनी या अनामिका पर सफेद दाग सम्मान, यश और शुभ लाभ का संकेत माना जाता है। वहीं काले दाग जीवन में संघर्ष, निंदा या मानसिक भय की ओर इशारा करते हैं। अंगूठे के नाखून पर सफेद दाग सुखद दांपत्य जीवन और धन लाभ का प्रतीक है, जबकि काला दाग कार्यक्षेत्र में बाधा और हानि का संकेत देता है।
निष्कर्ष
सामुद्रिक शास्त्र हमें यह सिखाता है कि शरीर के सूक्ष्म संकेतों को समझकर हम अपने जीवन की दिशा, स्वभाव और संभावनाओं को जान सकते हैं। उंगलियां और नाखून केवल शारीरिक अंग नहीं, बल्कि भाग्य के संकेतक भी हैं, जो व्यक्ति के जीवन की गहराई से कहानी कहते हैं।