घर केवल ईंट-पत्थरों से बना स्थान नहीं होता, बल्कि वह ऊर्जा का जीवंत केंद्र होता है। हमारे घर और उसके आसपास घटने वाली कई छोटी-छोटी घटनाएं साधारण दिखने के बावजूद गहरे आध्यात्मिक और ऊर्जात्मक संकेत अपने भीतर समेटे होती हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार जब ब्रह्मांड की सकारात्मक शक्तियां किसी व्यक्ति और उसके घर पर कृपा बरसाने लगती हैं, तो उसके संकेत हमें रोजमर्रा के जीवन में दिखाई देने लगते हैं। ये संकेत यह बताते हैं कि जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और शुभ परिवर्तन का समय निकट है।
वास्तु मान्यताओं के अनुसार जब घर में या उसके आसपास शुभ संकेत दिखाई देने लगते हैं, तो यह इस बात का प्रमाण होता है कि नकारात्मक ऊर्जा धीरे-धीरे समाप्त हो रही है और वातावरण संतुलित, शांत व सकारात्मक बन रहा है। ऐसे समय में रुके हुए कार्य गति पकड़ने लगते हैं, मानसिक तनाव कम होता है और आर्थिक व पारिवारिक जीवन में सुधार के योग बनने लगते हैं।
मंदिर की घंटी या शंखनाद की ध्वनि सुनाई देना
यदि बिना किसी विशेष कारण के बार-बार मंदिर की घंटी या शंख की पवित्र ध्वनि सुनाई दे, तो इसे दैवीय ऊर्जा का संकेत माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार ये ध्वनियां वातावरण को शुद्ध करती हैं और नकारात्मक शक्तियों को दूर करती हैं। यह संकेत देवकृपा, आत्मिक शुद्धि और जीवन में आने वाले शुभ समय की ओर इशारा करता है। ऐसे समय में ध्यान, जप या ईश्वर का स्मरण करना विशेष फलदायी माना जाता है।
गाय और बछड़े का दिखाई देना
गाय को माता लक्ष्मी का स्वरूप और बछड़े को उन्नति व निरंतरता का प्रतीक माना गया है। यदि घर के सामने या आसपास गाय अपने बछड़े को दूध पिलाती हुई दिखाई दे, तो यह अत्यंत शुभ योग माना जाता है। विशेष रूप से यदि बछड़ा घर की दिशा की ओर मुख करके दूध पी रहा हो, तो इसे निकट भविष्य में खुशखबरी, धन लाभ और पारिवारिक सुख का संकेत माना जाता है। ऐसे समय में गाय को हरी घास या रोटी खिलाना शुभ फल देता है।
तोता या उल्लू का दिखना
वास्तु मान्यताओं में तोते को शुभ समाचार लाने वाला पक्षी माना गया है। घर के आसपास या बालकनी में तोते का दिखना सकारात्मक बदलाव और अच्छे समाचार का संकेत हो सकता है। वहीं उल्लू को माता लक्ष्मी का वाहन माना जाता है। विशेष परिस्थितियों में उल्लू का दिखना अचानक धन लाभ, रुके हुए कार्यों में सफलता या आर्थिक उन्नति का संकेत देता है।
घर के पास चिड़िया का घोंसला बनना
यदि किसी चिड़िया ने घर की दीवार, छत, खिड़की या बरामदे में घोंसला बना लिया हो, तो इसे वास्तु का सबसे शुभ संकेत माना जाता है। यह दर्शाता है कि घर में सुरक्षा, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वास है। घोंसले में अंडे आना या चूजों का निकलना आने वाले समय में खुशियों, तरक्की और पारिवारिक समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। ऐसे घोंसलों को नुकसान पहुँचाना अशुभ माना गया है।
काली चींटियों का झुंड दिखाई देना
यदि घर के मुख्य द्वार या रसोई के पास काली चीटियां खाने की सामग्री लेकर आती-जाती दिखें, तो इसे धन और ऐश्वर्य में वृद्धि का संकेत माना जाता है। यह इस बात का प्रतीक है कि घर में अन्न, धन और संसाधनों की कमी नहीं होगी।
वास्तु शास्त्र यह भी सिखाता है कि जब हमें ऐसे शुभ संकेत प्राप्त हों, तो अहंकार के बजाय कृतज्ञता का भाव रखना चाहिए। अपने इष्ट देव का धन्यवाद करें, सामर्थ्य अनुसार दान-पुण्य करें जैसे गाय को गुड़-रोटी देना, पक्षियों के लिए पानी रखना या जरूरतमंदों की सहायता करना। ऐसा करने से शुभ शक्तियों का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन स्थायी रूप से स्थापित होने लगते हैं।