Sunday, 22 Mar 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > अन्य > पुरी से अयोध्या तक स्वर्ण कोदंड की दिव्य यात्रा: सनातन आस्था का ऐतिहासिक संकल्प
अन्य

पुरी से अयोध्या तक स्वर्ण कोदंड की दिव्य यात्रा: सनातन आस्था का ऐतिहासिक संकल्प

दिव्यसुधा
Last updated: January 23, 2026 3:29 pm
दिव्यसुधा
Share
पुरी जगन्नाथ धाम से अयोध्या राम मंदिर के लिए निकली स्वर्ण कोदंड की दिव्य यात्रा
पुरी जगन्नाथ धाम में अयोध्या श्रीराम मंदिर के लिए निकले स्वर्ण कोदंड का दिव्य स्वागत
SHARE

पुरी जगन्नाथ धाम की पावन भूमि पर अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर को समर्पित किए जाने वाले स्वर्ण कोदंड (स्वर्ण महाधनुष) का अत्यंत भव्य और आध्यात्मिक स्वागत किया गया। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन परंपरा, भक्ति और सांस्कृतिक एकता का जीवंत प्रतीक बनकर सामने आया। ओडिशा के राउरकेला से प्रारंभ हुई इस दिव्य यात्रा ने राज्य के विभिन्न जिलों से गुजरते हुए पुरी धाम में प्रवेश किया, जहां श्रद्धा और भक्ति का अनुपम दृश्य देखने को मिला।

बड़दांड पर हुआ पारंपरिक स्वागत
पुरी के प्रसिद्ध बड़दांड (ग्रैंड रोड) पर 286 किलोग्राम वजनी इस स्वर्ण महाधनुष का विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया गया। मार्ग में हजारों श्रद्धालु जय श्रीराम और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ इस दिव्य कोदंड के दर्शन हेतु उमड़ पड़े। यह दृश्य दर्शाता है कि भगवान श्रीराम की आस्था केवल अयोध्या तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे भारत की चेतना में समाई हुई है।

महाप्रभु जगन्नाथ की धरती से श्रीराम के धाम की ओर
महाप्रभु जगन्नाथ की पवित्र भूमि पुरी से इस स्वर्ण कोदंड को विधिवत पूजा-अर्चना के पश्चात अयोध्या के लिए रवाना किया गया। इसे ओडिशा और उत्तर भारत के बीच आध्यात्मिक सेतु के रूप में देखा जा रहा है, जो सनातन संस्कृति की अखंड धारा को जोड़ता है। पुरी उत्तरपार्श्व मठ पहुंचने पर श्रद्धालुओं को इसके दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ, वहीं श्रीजगन्नाथ मंदिर की परिक्रमा का आयोजन भी आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ।

22 जनवरी को अयोध्या में होगा समर्पण
जानकारी के अनुसार, यह स्वर्ण महाधनुष 22 जनवरी को अयोध्या पहुंचेगा। उसी दिन भगवान श्रीरामचंद्र के चरणों में इसे विधिवत अर्पित किया जाएगा। चरण-स्पर्श के उपरांत इस दिव्य कोदंड को अयोध्या श्रीराम मंदिर संग्रहालय में स्थापित किया जाएगा, जहाँ यह आने वाली पीढ़ियों के लिए सनातन श्रद्धा का साक्षी बनेगा।

सनातन जागरण मंच की अनुपम कृति
इस भव्य स्वर्ण कोदंड का निर्माण ओडिशा के राउरकेला स्थित सनातन जागरण मंच द्वारा किया गया है। यह कोदंड ओडिशा के सभी 30 जिलों की यात्रा पूरी कर पुरी पहुंचा। लगभग 1 किलोग्राम सोना, 2.5 किलोग्राम चांदी तथा तांबा, जस्ता और लोहा के मिश्रण से निर्मित यह कोदंड शिल्पकला का अद्भुत उदाहरण है। पीतल और तांबे से निर्मित इस धनुष पर स्वर्ण परत चढ़ाकर इसकी दिव्यता और भव्यता को और बढ़ाया गया है।

1400 किलोमीटर की संकल्प यात्रा
पुरी के श्रीजगन्नाथ मंदिर के सिंह द्वार से प्रारंभ हुई यह संकल्प यात्रा लगभग 1400 किलोमीटर लंबी है। यह यात्रा ओडिशा से झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों से होते हुए उत्तर प्रदेश पहुंचेगी। विशाल आकार और वजन के कारण इस स्वर्ण महाधनुष को ले जाने के लिए विशेष रूप से सुसज्जित रथ का निर्माण किया गया है। अयोध्या पहुंचने पर इसके साथ भव्य शोभायात्रा निकालने की भी योजना है, जिसके बाद इसे श्रीराम मंदिर ट्रस्ट को सौंपा जाएगा।

सनातन आस्था का ऐतिहासिक क्षण
पुरी से अयोध्या तक स्वर्ण कोदंड की यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन धर्म की जीवंत परंपरा, शिल्पकला, नारी शक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। यह कोदंड आने वाले समय में भी श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम की मर्यादा, धर्म और शक्ति का स्मरण कराता रहेगा।

TAGGED:Golden Bow to Ram TempleRam Mandir AyodhyaSanatan Dharma Newsजगन्नाथ धाम पुरीपुरी से अयोध्या यात्राराम मंदिर अयोध्याश्रीराम कोदंडसनातन आस्थास्वर्ण कोदंड यात्रा
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article बाबा केदारनाथ धाम की पुरानी पैदल यात्रा मार्ग से दर्शन करते श्रद्धालु 2026 बाबा केदारनाथ यात्रा 2026: पुरानी पैदल राह से फिर होगा बाबा के दर्शन
Next Article पर्स में पैसा नहीं टिकता वास्तु कारण और उपाय क्या आपके पर्स में पैसा नहीं टिकता? जानिए वास्तु के कारण और सरल उपाय
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

ज्योतिर्मठ पीठ उत्तराखंड – आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित अद्वैत वेदांत का प्रमुख केंद्र
अन्य

ज्योतिर्मठ: अद्वैत वेदांत की दिव्य परंपरा और आदि शंकराचार्य की अमर विरासत

By दिव्यसुधा
शनिवार को काले तिल से जुड़े उपाय करते हुए भक्त – शनिदेव की कृपा पाने के उपाय
अन्य

शनिवार लौंग उपाय: दूर होंगी परेशानियां, शनि देव होंगे प्रसन्न

By दिव्यसुधा
शनि देव की महादशा के प्रभाव और उपाय – आध्यात्मिक ज्योतिष जानकारी
अन्य

शनि की महादशा क्या है? प्रभाव, समस्याएं और शक्तिशाली उपाय

By दिव्यसुधा
अन्य

Exploring the Impact of Identity Politics on Global Governance

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?