हिंदू पंचांग और शास्त्रों के अनुसार माघ मास वर्ष का सबसे पुण्यकारी समय माना गया है। वर्ष 2026 में माघ मास 3 जनवरी से 15 फरवरी तक रहेगा। यह महीना स्नान, दान, जप, तप और पूजा-पाठ के लिए विशेष रूप से श्रेष्ठ होता है। धार्मिक मान्यता है कि माघ मास में किया गया प्रत्येक पुण्य कर्म कई गुना फल प्रदान करता है। इसी कारण गंगा स्नान, तीर्थ स्नान और दान का इस माह में अत्यंत महत्व बताया गया है।
माघ मास क्यों कहलाता है माधव मास
माघ मास भगवान विष्णु (माधव) को अत्यंत प्रिय है, इसलिए इसे माधव मास भी कहा जाता है। इस माह विष्णु पूजन करने से धन-धान्य, सुख-शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही इस समय सूर्य देव की उपासना का भी विशेष महत्व है। सूर्य पूजन से रोगों से मुक्ति, निरोगी काया और समाज में मान-सम्मान प्राप्त होता है।
माघ माह में घर लाने योग्य शुभ वस्तुएं
तिल
माघ मास में तिल का सेवन और दान अत्यंत फलदायी माना गया है। पूजा-पाठ में तिल का प्रयोग करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख और समृद्धि का वास होता है।
श्री यंत्र
माघ मास में श्री यंत्र की स्थापना करना विशेष शुभ माना जाता है। यह माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु का प्रतीक है। विधि-विधान से इसकी पूजा करने से आर्थिक संकट दूर होते हैं और धन की स्थिरता बनी रहती है।
गर्म कपड़े और कंबल
इस ठंडे महीने में जरूरतमंदों को कंबल और गर्म वस्त्र दान करना अक्षय पुण्य देता है। इससे जीवन में सुख, शांति और ईश्वरीय कृपा प्राप्त होती है।
सरसों का तेल
माघ मास में सरसों या तिल के तेल का दीपक शनिवार को पीपल के नीचे जलाना शनि दोष और बाधाओं से मुक्ति दिलाता है तथा जीवन में स्थिरता लाता है।
माघ मास का आध्यात्मिक संदेश
माघ मास केवल पूजा-पाठ का नहीं, बल्कि दान, सेवा और सकारात्मक कर्मों का भी पावन काल है। इस माह शुभ वस्तुएं घर लाकर और धर्ममय आचरण अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन में सौभाग्य, समृद्धि और आत्मिक शांति का स्वागत करता है।