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दिव्य सुधा > अन्य > रात के समय महिलाओं को किन कार्यों से बचना चाहिए – शास्त्रीय नियम
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रात के समय महिलाओं को किन कार्यों से बचना चाहिए – शास्त्रीय नियम

दिव्यसुधा
Last updated: December 13, 2025 1:11 pm
दिव्यसुधा
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शास्त्रों के अनुसार रात के समय महिलाओं को किन कार्यों से बचना चाहिए
शास्त्रों के अनुसार रात में महिलाओं के लिए संयम और सावधानी क्यों जरूरी है
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शास्त्रों में बताया गया है कि मनुष्य के दैनिक आचरण का उसके जीवन, व्यक्तित्व और भाग्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है। सुबह से लेकर रात तक किए गए प्रत्येक कार्य से सकारात्मक या नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है। विशेष रूप से सूर्यास्त के बाद का समय अत्यंत संवेदनशील माना गया है। ऐसी मान्यता है कि इस समय किए गए कुछ अनुचित कार्य घर में नकारात्मकता, मानसिक अशांति और आर्थिक समस्याओं का कारण बन सकते हैं। शास्त्रों के अनुसार महिलाओं को रात के समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और कुछ कार्यों से अवश्य बचना चाहिए।

रात को बाल खुले रखकर न सोएं
मान्यता है कि सूर्यास्त के बाद महिलाओं को खुले बाल नहीं रखने चाहिए और न ही खुले बालों के साथ सोना चाहिए। कहा जाता है कि खुले बाल नकारात्मक शक्तियों को आकर्षित करते हैं। शास्त्रों में यह भी उल्लेख मिलता है कि बालों का संबंध सूक्ष्म ऊर्जाओं से होता है, इसलिए रात में बाल बांधकर या ढककर रखना शुभ माना गया है। ऐसा करने से मानसिक शांति बनी रहती है और पारिवारिक तनाव से भी बचाव होता है।

रात में इत्र या तेज सुगंध का प्रयोग न करें
रात के समय इत्र या तेज सुगंध का प्रयोग करना भी वर्जित माना गया है। मान्यता है कि इसकी महक से नकारात्मक शक्तियां आकर्षित हो सकती हैं। विशेष रूप से अकेले बाहर निकलते समय या सोने से पहले इत्र लगाने से बचना चाहिए। यह नियम केवल महिलाओं ही नहीं, बल्कि पुरुषों के लिए भी लागू माना गया है।

सूर्यास्त के बाद नाखून काटना अशुभ
शास्त्रों के अनुसार सूर्यास्त के बाद नाखून काटना अशुभ माना गया है। मान्यता है कि इस समय माता लक्ष्मी का घर में आगमन होता है और ऐसे कार्यों से वे रुष्ट हो सकती हैं। इससे घर में आर्थिक समस्याएं, दरिद्रता और अशांति बढ़ने की आशंका मानी जाती है। इसलिए नाखून काटने का कार्य दिन में ही करना श्रेष्ठ माना गया है।

रात में बाल न संवारें
कई बार महिलाएं रात में बालों को कंघी करके सो जाती हैं लेकिन शास्त्रों में इसे उचित नहीं माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि रात में टूटे हुए बाल घर में फैलने से नकारात्मकता बढ़ती है। चूंकि संध्या काल को लक्ष्मी आगमन का समय माना गया है, इसलिए सूर्यास्त से पहले ही बाल संवार लेना शुभ माना जाता है।

रात में झगड़े और विवाद से बचें
रात का समय मन और वातावरण को शांत रखने का होता है। शास्त्रों के अनुसार सूर्यास्त के बाद किसी भी प्रकार के विवाद, बहस या झगड़े से दूर रहना चाहिए। ऐसा करने से मानसिक अशांति, नकारात्मक ऊर्जा और नींद की समस्या उत्पन्न हो सकती है, जिसका प्रभाव अगले दिन के कार्यों पर भी पड़ता है।

रात में जोर-जोर से हंसने से बचें
मान्यता है कि रात के समय ठहाके मारकर हंसना भी उचित नहीं माना जाता। सूर्यास्त के बाद वातावरण में शांति बनाए रखना आवश्यक माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि रात में अत्यधिक शोर या जोर-जोर से हंसने से नकारात्मक ऊर्जा आकर्षित होती है और अगला दिन भी प्रभावित हो सकता है।

शास्त्रों में बताए गए ये नियम केवल परंपरा नहीं, बल्कि जीवन में संतुलन, शांति और सकारात्मकता बनाए रखने के उपाय माने गए हैं। यदि महिलाएं रात के समय इन बातों का ध्यान रखें, तो घर में सुख-शांति बनी रहती है और नकारात्मक प्रभावों से बचाव होता है।

TAGGED:आध्यात्मिक जीवनधार्मिक मान्यताएंनकारात्मक ऊर्जा से बचावभारतीय परंपराएंमहिलाओं के नियमरात के नियमवास्तु और शास्त्रशास्त्रसकारात्मक ऊर्जासनातन धर्म
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