ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पौष मास के कृष्ण पक्ष की सफला एकादशी अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन किए गए व्रत, पूजा और ज्योतिषीय उपाय कुंडली में गुरु बृहस्पति की स्थिति को मजबूत करते हैं और जीवन में सुख, शांति व सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि नौकरी, व्यापार और पारिवारिक जीवन में भी सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलते हैं।
सफला एकादशी 2025 की तिथि
वैदिक पंचांग के अनुसार, पौष कृष्ण एकादशी तिथि 14 दिसंबर 2025 को शाम 6 बजकर 50 मिनट से आरंभ होकर 15 दिसंबर 2025 को रात 9 बजकर 21 मिनट तक रहेगी। उदय तिथि के अनुसार, सफला एकादशी का व्रत 15 दिसंबर 2025, सोमवार को रखा जाएगा।
गुरु बल और स्वास्थ्य के लिए उपाय
इस दिन भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करें और उन्हें पीले रंग के पुष्प अर्पित करें। साथ ही 108 बार “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करें। ऐसा करने से गुरु ग्रह की कृपा प्राप्त होती है और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों में राहत मिलती है।
व्यापार और आर्थिक उन्नति के लिए उपाय
सफला एकादशी पर भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की भी पूजा करें। विष्णु जी को पीले और लक्ष्मी जी को लाल वस्त्र अर्पित करें। यह उपाय व्यापार में लाभ, आय वृद्धि और आर्थिक स्थिरता प्रदान करता है।
घर में सुख-शांति और समृद्धि के लिए
विष्णु-लक्ष्मी पूजन के बाद 9 मुखी दीपक जलाएं और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा, भय और रोग दूर होते हैं तथा घर में सुख-शांति बनी रहती है।
शीघ्र विवाह के लिए उपाय
यदि विवाह में बाधाएं आ रही हों, तो सफला एकादशी के दिन हल्दी मिला जल लेकर केले के वृक्ष की जड़ में अर्पित करें। इससे विवाह योग प्रबल होते हैं और गुरु बृहस्पति की स्थिति मजबूत होती है।
धन प्राप्ति और लक्ष्मी कृपा के लिए
इस दिन भगवान विष्णु का जल से अभिषेक करें। अभिषेक में दक्षिणावर्ती शंख का प्रयोग अत्यंत शुभ माना गया है। साथ ही संध्या के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं। इससे माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और धन-संपत्ति में वृद्धि होती है।
सफला एकादशी को केवल व्रत का दिन ही नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, संयम और आध्यात्मिक उन्नति का अवसर माना गया है। श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए ये उपाय जीवन को सफल और मंगलमय बना सकते हैं।